कोरोना महामारी के कारण मार्च से ही स्कूल बंद हैं। दिल्ली में स्कूलों को दोबारा कैसे खोला जाए, इसके लिए सरकार तैयारी कर रही है। जुलाई में स्कूल खुलने की संभावना पर काम करते हुए शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों से माइक्रो प्लान मांगा है। यह प्लान शिक्षकों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सदस्यों, अभिभावकों से विचार-विमर्श के बाद तैयार कर अपने संबंधित उपशिक्षा निदेशक को पांच जून तक देना है। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपशिक्षा निदेशकों से इस पर चर्चा करेंगे।
इस प्लान में स्कूल प्रमुखों को अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकताओं, किस क्लास के छात्रों को प्रतिदिन टीर्चिंग लर्निंग के लिए आना चाहिए, कितने क्लास रूम हैं, कैसे सामाजिक दूरी का पालन किया जा सकता है, स्कूल खुलने पर कितने बच्चे आएंगे, स्कूल में साफ-सफाई और रखरखाव के लिए कितना और स्टाफ चाहिए, कैसे ऑनलाइन तरीके का प्रयोग किया जा सकता है, पहले चलने वाली कौन सी गतिविधि अब नहीं कराई जाए, के संबंध में अपनी राय देनी है।
इसके साथ ही यह भी बताना है कि कैसे प्रत्येक बच्चे को स्कूल लाया जा सकता है, कैसे बच्चे को भावनात्मक सहयोग दिया जा सकता है। स्कूल खुलनेे पर वहां कैसे सामाजिक दूरी का पालन किया जा सकता है। दरअसल, स्कूल खुलने के बाद कोरोना काल में बच्चों से सामाजिक दूरी का पालन करवाना एक बड़ी चुनौती होगी। स्कूलों को इसके लिए पहले से तैयारी करनी होगी।