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Pollution Delhi : प्रदूषण के साथ अस्पतालों में 20% तक बढ़े सांस के रोगी, विशेषज्ञ बोले- योग से मिलेगा लाभ

Mon, 23 Oct 2023 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

लोकनायक, जीटीबी, सफदरजंग, एम्स, डॉ. राम मनोहर लोहिया, वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में आ रहे ज्यादातर मरीज ब्रोंकाइटिस और अस्थमा से जुड़े पहुंच रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर के साथ अस्पतालों की ओपीडी में सांस संबंधी रोगियों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ गई है। लोकनायक, जीटीबी, सफदरजंग, एम्स, डॉ. राम मनोहर लोहिया, वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में आ रहे ज्यादातर मरीज ब्रोंकाइटिस और अस्थमा से जुड़े पहुंच रहे हैं। इसके अलावा एलर्जी व कोरोना के दौरान गंभीर रूप से बीमार हुए लोग भी पोस्ट कोविड समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

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विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 300 को पार कर गया है। कई क्षेत्रों की स्थिति और खराब हो गई है। ऐसे में सुबह और शाम के समय ठंड होने से धूल व प्रदूषण कण निचले स्तर पर बने हुए हैं जो सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर लोगों को परेशान कर रहे हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। 

यह योग आसन करेंगे फायदा

  • अनुलोम-विलोम : यह सांस लेने की एक क्रिया है। इसकी मदद से लंग्स को मजबूत किया जा सकता है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम में नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हैं तो बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते है। 
  •  प्राणायाम : प्राणायाम योग के आठ अंगों में से एक है। अष्टांग योग में आठ प्रक्रियाएँ होती हैं- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान तथा समाधि। प्राण या श्वास का आयाम या विस्तार ही प्राणायाम कहलाता है। इसमें एक जगह पर शांत से बैठकर गहरी सांस लेते हैं और धीमी गति से सांस छोड़ते हैं। 
  • सूर्य नमस्कार : सूर्य नमस्कार सुबह खाली पेट करना चाहिए। यह 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक समन्वय है। इसे किसी योगाचार्य की देखरेख में करना चाहिए। प्रत्येक सूर्य नमस्कार के चरण में 12 आसनों के दो क्रम होते हैं।

गुड का सेवन करें

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जगप्रवेश अस्पताल में आयुष विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर नीरज त्रिपाठी ने बताया कि सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ता है। यह श्वास के मरीजों के लिए काफी घातक है। इस दौरान अस्थमा, लंग्स के मरीजों व बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर मरीजों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। सामान्य लोग प्रदूषण कण से बचने के लिए गुड का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक के गरारे, अजवाइन, ऋतु अनुसार पिपली, मधु, गुड़, सोंठ व अन्य के साथ हरहड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस मौसम में किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए तुरंत डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए। सुबह और शाम को ठंड के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। इस दौरान अस्थमा मरीज, सांस के मरीज, बुजुर्ग, बच्चे व गंभीर रूप बीमार लोग बाहर जाने से बचें। डॉक्टरों की सलाह पर योगासन घर में ही करें। 

सर्द हवाओं से गिरा पारा सुबह और शाम को ठंड
उत्तर-पूर्व से चली मध्यम स्तर की ठंडी हवाओं के कारण रविवार को दिल्ली-एनसीआर के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, दिन में खिली धूप के कारण अधिकतम तापमान स्थिर रहा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को भी कमोवेश ऐसा ही मौसम रहेगा। पहाड़ों से दिल्ली-एनसीआर में पहुंचने वाली ठंडी हवाएं न्यूनतम तापमान में कुछ कमी लाएंगी। कल से रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे हो सकता है।

प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसमी बदलाव के कारण दिल्ली का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के करीब बना हुआ है। सुबह और शाम को हल्की ठंड महसूस हो रही है। 

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