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प्रेमिका पर था शक तो बना डाला मौत का ऐसा प्लान, चश्मदीदों को भी दे दिया चकमा

Mon, 27 Aug 2018 12:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हत्यारोपी प्रदीप सहरावत - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के शालीमार बाग में बीते गुरुवार को 18 वर्षीय युवती की हत्या कर दी गई। हत्या का खुलासा करते हुए रविवार को दिल्ली पुलिस ने किया। पुलिन ने बताया कि डीजे प्रदीप सहरावत ने अपनी प्रेमिका की हत्या की, क्योंकि उसे शक था कि लड़की का किसी अन्य के साथ अफेयर है।

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यह बात उसे इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या करने का ही प्लान बना डाला। यह मौत पूरी तरह से एक्सीडेंट लगे इसका प्लान भी 29 वर्षीय डीजे ने पहले ही बना लिया था। उसकी योजना जब पुलिस के सामने आई तो वो भी हैरान रह गए।

पुलिस ने बताया कि उसने ऐसा प्लान बनाया था जिससे चश्मदीद गवाहों को भी यह नहीं लगा कि यह कोई हत्या है। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर असलम खान ने बताया कि, प्रदीप सहरावत और उसकी गर्लफ्रेंड रितिका ठाकुर पिछले एक साल से लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे।

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चश्मदीदों को ऐसे बहकाया

प्रदीप ने अपने प्लान में दो चश्मदीद गवाहों को शामिल किया था और सोचा था कि वो उसका सच छिपाकर रखेंगे लेकिन उनमें से एक ने सारा राज फाश कर दिया। प्रदीप अपना प्लान कामयाब करने के लिए पिछले कई दिनों से खाली पिस्तौल से निशाना लगाने का काम कर रहा था। इस दौरान वह अपने साथ अपने दोस्त को भी रखता था ताकि वक्त आने पर वह ये बात बता सके।

रितिका अपनी बहन और मां के बिहार वापस जाने के बाद घरों में काम कर अपनी जिंदगी बिता रही थी और प्रदीप के साथ एक घर में रहने लगी थी। प्रदीप उसकी जिंदगी को हर तरह से अपने कंट्रोल में रखना चाहता था।

जब भी रितिका किसी से बात करती तो उसे जलन होने लगती और वह रितिका को पीट देता था। खासतौर से प्रदीप को रितिका का बचपन का दोस्त पसंद नहीं था। वह नहीं चाहता था कि रितिका उससे बात करे।

इस महीने की शुरुआत में जब रितिका अपने गृहनगर बिहार से वापस आयी तो उसने रितिका को मारने का प्लान बना लिया। इसके लिए उसने यूपी से देशी कट्टा भी मंगा लिया था।

प्रदीप धीरे-धीरे अपने घर पर लोगों को बुलाकर पार्टियां करने लगा। इस दौरान वह पिस्तौल चलाने का अभ्यास भी करके दिखाता था। इन पार्टियों में वह रितिका के दोस्त रोहित और एक महिला मित्र को भी बुलाता था।

देखते ही देखते उतारा मौत के घाट समझ नहीं पाया कोई

बृहस्पतिवार को जब पार्टी चल रही थी तो उसने अन्य दिनों की पार्टियों की तरह ही दूसरों पर खाली शॉट लगाने शुरू किए। लेकिन जब उस दिन रितिका की बारी आई तो उसने चुपके से बुलेट लोड की और रितिका को गोली मार दी। यह गोली रितिका के दिल को पार करती हुई निकल गई।

इसके बाद वह रोहित और दूसरी लड़की को समझाने लगा कि ये जानबूझकर नहीं बल्कि गलती से हुआ है। इसके लिए प्रदीप ने उनसे पुलिस के सामने ये कहानी भी बताने को कही कि रितिका को जेल में बंद एक मनचले की तरफ से धमकी भी आती थी। प्रदीप ने उन दोनों को ये भी कहा कि पुलिस से बोल देना कि रितिका का पीछा करने वाला शख्स घर तक आ गया था और उसे गोली मारकर फरार हो गया।

इसके बाद तीनों रितिका को अस्पताल ले गए। उसके कुछ मिनटों बाद प्रदीप क्राइम सीन पर पहुंचा और अपनी कहानी के अनुसार वहां सारी चीजें अरेंज कर दीं ताकि पुलिस उसकी कहानी सच माने।
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...और ऐसे फंसा पुलिस के चंगुल में

लेकिन जो महिला चश्मदीद थी उसे प्रदीप की कहानी पर शक हुआ और उसने पीसीआर को कॉल कर दी। तब तक प्रदीप ये जानने के लिए अस्पताल पहुंचा कि रितिका मरी या नहीं। जब सहरावत को पता चला कि ये बात पुलिस तक पहुंच चुकी है तो उसने भागने की भी कोशिश की लेकिन अस्पताल के एक जागरूक गार्ड को उसकी हरकतों पर शक हुआ और उसने प्रदीप को अस्पताल ने जाने नहीं दिया।

इसके बाद प्रदीप को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक कस्टडी में भेज दिया है। हालांकि इस दौरान भी उसने जेल में बंद मनचले वाली कहानी बताई लेकिन रितिका के दोनों दोस्तों ने पुलिस को सब बता दिया।
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