बकौल उपमुख्यमंत्री, लाइटहाउस विशेष रूप से कक्षा 12वीं और उससे ऊपर के छात्रों की सहायता के लिए स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज जब बच्चे 12वीं कक्षा से पास होकर कॉलेज जाते हैं, तो उन्हें प्रवेश पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन दिल्ली सरकार ने ऐसा अनूठा कार्यक्रम बनाया है, जहां डीएसईयू झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर प्रवेश देगा।
इस अवसर पर डीएसईयू की कुलपति प्रो. (डॉ.) नेहारिका वोहरा ने कहा कि यह परियोजना हमें वंचित समुदायों तक पहुंचने में मदद करेगी। डीएसईयू लाइटहाउस युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स की पेशकश करेगा।
इस तरह मिलेगी लाइटहाउस की मदद
- लाइटहाउस की मदद से डीएसईयू युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।
- इस कार्यक्रम में छात्रों में जीवन कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा, आत्म-परिवर्तन पर आधारित फाउंडेशन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को करियर और जीवन से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा और उद्योग से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
- छात्रों के बीच कार्यस्थल दक्षता विकसित करने के लिए रचनात्मक गतिविधियों के साथ कला आधारित पाठ्यक्रम होगा।
- बोली जाने वाली अंग्रेजी और डिजिटल साक्षरता इस मूलभूत कौशल कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
- छात्रों को प्रशासन, वित्तीय लेखा और टैली, नर्सिंग, फिटनेस ट्रेनर और आईटी आदि से संबंधित विभिन्न लघु और दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों की पेशकश की जाएगी। इन सभी पाठ्यक्रमों को डीएसईयू द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
- मलकागंज में डीएसईयू लाइटहाउस का लक्ष्य अगले 2 वर्षों में आस-पास के झुग्गी बस्तियों के 1,200 से अधिक युवाओं को कौशल प्रदान करना है।
- मलकागंज लाइटहाउस में आठ प्रशिक्षण कक्ष शामिल हैं, जिनमें दो खुली कक्षाएं, एक खुदरा पाठ्यक्रम कक्ष, मेक-अप कौशल कक्ष, परामर्श कक्ष, वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, स्वयं सीखने की जगह और एक पूरी तरह से सुसज्जित टेक हब शामिल है। वाई-फाई कनेक्शन और 20 से अधिक कंप्यूटर की भी सुविधा है। इसमें समुदायों के युवाओं के लिए संगीत सीखने व बनाने के लिए म्यूजिक रूम भी है।