दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने डेंगू और चिकनगुनिया एंटीजन टेस्ट के लिए एलिसा तकनीक को अपनाया है। इससे यह पता चल सकेगा कि कितने लोगों को डेंगू और मलेरिया के खिलाफ एंटीबॉडी बनी। यानी, वह बीमार हुए और स्वस्थ भी हो गए, जिनका उन्हें पता भी नहीं चला।
दक्षिणी निगम के एक अधिकारी के अनुसार, एलिसा टेस्ट उन लोगों का किया जाएगा जो निगम की डिस्पेंसरी या अस्पताल में हल्के बुखार के लक्षण के साथ पहुंचेंगे। इस प्रक्रिया में मरीज का ब्लड सैंपल लिया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट छह घंटे के भीतर आ जाएगी। इसके लिए निगम ने एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी है। वहीं, प्रति टेस्ट के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, लोगों की सुविधा को देखते हुए मरीजों से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा बल्कि टेस्ट के खर्च का वहन खुद निगम करेगा। डेंगू के लिए 248 रुपये, डेंगू एंटीजन के लिए 239 रुपये, प्लेटलेट्स काउंट के लिए 44 और चिकनगुनिया के लिए 285 रुपये का टेस्ट किया जाएगा।
इन 14 केंद्रों पर है व्यवस्था
लाजपत नगर कॉलोनी अस्पताल, पॉलीक्लीनिक बदरपुर, कालकाजी अस्पताल, पॉलीक्लीनिक कम मैटरनिटी होम, पॉलीक्लीनिक साउथ जोन, पॉलीक्लीनिक फतेहपुर बेरी, महरौली पॉलीक्लीनिक, पॉलीक्लीनिक मस्जिद मोठ, पॉलीक्लीनिक मुनिरका, स्कूल हेल्थ स्कीम नजफगढ़, पॉलीक्लीनिक घुम्मनहेड़ा, चेस्ट क्लीनिक कम डिस्पेंसरी बिजवासन, तिलक नगर अस्पताल और महाराजा अग्रसेन पॉलीक्लीनिक उतम नगर।