दक्षिणी दिल्ली के व्यस्त आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग जल्द ही मोदी मिल और सावित्री सिनेमा चौराहों पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना के लिए मिट्टी जांच और जियोटेक्निकल सर्वे शुरू करेगा। करीब 412 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले यह प्रोजेक्ट मौजूदा फ्लाईओवरों को दोगुना चौड़ा कर उन्हें एक नए एलिवेटेड स्ट्रेच से जोड़ेगा, जिससे फ्लाईओवर कॉरिडोर तैयार होगा।
अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में कम से कम एक साल का समय लगेगा। हालांकि काम तभी शुरू होगा जब सभी जरूरी अनुमतियां मिल जाएंगी। विभाग ने कहा कि पिछली परियोजनाओं में अनुमति न मिलने से काम अटक गया था, इसलिए इस बार पहले ही सभी मंजूरी लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह योजना पीडब्ल्यूडी के बड़े लक्ष्य सराय काले खां से मालवीय नगर तक सिग्नल-फ्री कॉरिडोर का हिस्सा है। 2015 में प्रस्तावित और 2016 में यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग और इंजीनियरिंग) सेंटर से मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना फंड की कमी, भूमि अधिग्रहण और पेड़ों की कटाई संबंधी अनुमति न मिलने की वजह से अटका रहा।
एयरपोर्ट की आवाजाही होगी दुरुस्त
सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर वर्ष 2001 में सिंगल कैरिजवे बना था। मौजूदा स्थिति में नेहरु प्लेस से आईजीआई एयरपोर्ट जाने वाले इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आईजीआई की ओर से आने वाले वाहनों को यहां पर फ्लाईओवर की सुविधा नहीं मिल पाती है। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट से नेहरू प्लेस, गोंविदपुरी, आंबेडकर नगर और महरौली की ओर आने वाले यातायात यहां आकर जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दूसरी ओर फ्लाईओवर जहां मौजूद है, वहां सड़क की चौड़ाई भी काफी कम है। इस कारण बॉटल नैक बन जाता है और कई किलोमीटर लंबा जाम लगता है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर चित्तरंजन पार्क, ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, कालकाजी और नेहरू प्लेस जैसे इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। वर्तमान में चिराग दिल्ली फ्लाईओवर से निकलने वाला ट्रैफिक तीन दिशाओं में बंटता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।