आरोपी वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था। अदालत ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने वाली बीमा कंपनी को रिकवरी का अधिकार दिया है। बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति की रकम वाहन मालिक से वसूल सकती है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने वाहन दुर्घटना के मामले में पीड़ित परिवार को 38 लाख रुपये के क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। आरोपी वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था। अदालत ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने वाली बीमा कंपनी को रिकवरी का अधिकार दिया है। बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति की रकम वाहन मालिक से वसूल सकती है।
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मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यून की पीठासीन अधिकारी वृंदा कुमारी की अदालत ने कुल रकम का 10 प्रतिशत तुरंत परिवार को दिए जाने का निर्देश दिया है। पुलिस की ओर से दाखिल की गई रिपोर्ट के अनुसार, 13 नवंबर 2018 को शंकर विहार फ्लाईओवर पर बिजेंद्र कश्यप अपने थ्री व्हीलर टेंपो से माल पहुंचाकर वापस आ रहे थे। इस दौरान सामने से आ रही कार ने टैंपो में टक्कर मार दी थी।
हादसे में बिजेंद्र कश्यप की मौत हो गई थी। करीब पांच साल पुराने इस मामले में अदालत ने कहा कि पीड़ित परिवार को उसके भरण पोषण का अधिकार है। ऐसे में उन्हें अधिक से अधिक संभावित रकम अदा की जानी चाहिए। अदालत ने अलग-अलग मदों को जोड़कर कुल 38 लाख रुपये की रकम अदा करने का निर्देश दिया।
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टैक्सी सर्विस से जुड़ी थी गाड़ी
जांच में सामने आया कि गाड़ी ओला सर्विस के तहत काम कर रही थी। ऐसे में फर्जी लाइसेंस की जानकारी कार मालिक के स्थान पर ओला कंपनी को होनी चाहिए। कार मालिक पर फर्जी लाइसेंस की जानकारी का दावा खारिज किया जाता है। हालांकि अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए इंश्योरेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति रकम की वसूली की रिकवरी का अधिकार दिया है।