नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो ट्रेन में एक महिला के साथ छेड़छाड़ में आरोपी मोहम्मद ताहिर की सजा को बरकरार रखा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवारिंदर सिंह जागी ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक कदम उठाने की जरूरत है।
अदालत ने ट्रायल कोर्ट के 24 मई 2025 के दोषसिद्धि फैसले और 6 अक्टूबर 2025 के सजा आदेश को सही ठहराया। जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने मामले को यथार्थ संदेह से परे साबित किया और आईपीसी की धारा 354 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत अपराध सिद्ध हुआ है। फैसले में कहा गया, ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई विकृति नहीं है और आरोपी की अपील में कोई दम नहीं है।
घटना 27 मार्च 2021 की शाम येलो लाइन पर साकेत और हौज खास स्टेशनों के बीच मेट्रो ट्रेन में हुई थी। आरोपी मोहम्मद ताहिर ने शिकायतकर्ता के बगल में खड़े होकर हस्तमैथुन किया और उसकी कंधे पर हाथ रगड़ा, जबकि महिला ने विरोध जताया। महिला ने अलार्म बजाया, जिसके बाद सह-यात्रियों ने आरोपी को ट्रेन से उतरने पर मजबूर किया।