दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के वकील को एफआईआर की कॉपी मुहैया करने का आदेश दिया है। बता दें राजीव शर्मा को हाल हीं में दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार किया था।
रक्षा मंत्रालय के कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
चीन के लिए जासूसी मामले में रक्षा मंत्रालय व सेना के कुछ अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। इन अधिकारियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। पत्रकार राजीव शर्मा के कब्जे से जो सैन्य दस्तावेज मिले हैं वह बेहद गोपनीय हैं और किसी अधिकारी के कब्जे में होते हैं।
ऐसे में ये देखा जा रहा है कि ये वर्गीकृत गोपनीय दस्तावेज सेना के किस अधिकारी के कब्जे में थे। ये दस्तावेज किसी भी पत्रकार को नहीं दिए जा सकते। दिल्ली पुलिस ने सेना को पत्र लिखकर पूछा है कि ये गोपनीय दस्तावेज किस अधिकारी के कब्जे में थे और कहां रखे गए थे। दस्तावेजों का सेना में आदान-प्रदान कैसे होता है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के कब्जे से दो बहुत ही गोपनीय दस्तावेज मिले हैं। ये दस्तावेज चीन-भारत सीमा पर भारतीय सेना की तैनाती व सेना की तैयारियों को लेकर हैं। दिल्ली पुलिस ने राजीव शर्मा के मोबाइल व लैपटॉप को जांच के लिए भेजा है।
चीनी महिला क्विंग शी के करीब आठ मोबाइल व तीन लैपटॉप फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। स्पेशल सेल के लिए पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजीव शर्मा वर्ष 2019 से चीनी अखबार के लिए काम कर रहे हैं। पहले उनके बैंक खातेे में बतौर वेतन पैसा आता था। मगर पिछले एक-डेढ़ साल से इनके बैंक खाते में पैसा आना बंद हो गया। इसके बाद ये एमजैड कंपनी के जरिये चीनी महिला से नकद पैसा लेने लगे। ये रकम हवाला के जरिये चीन से आती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर वह चीनी अखबार में काम करने के पैसे ले रहे थे तो उनके बैंक खाते में आने चाहिए थे। वर्ष 2014-15 में राजीव शर्मा ने एक रूसी न्यूज एजेंसी के लिए काम किया था। रूस से पूरा पैसा उनके बैंक खाते में आया था। इसका पूरा रिकार्ड है। इसके अलावा पहले ये चीन सीधे जाते थे। जब से चीनी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में आए तो नेपाल के रास्ते चीन जाने लगे थे। ये नेपाल के रास्ते तीन बार से ज्यादा चीन गए हैं।