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डकैती की घटना को छिपाने में जुटी रही पुलिसः बदमाशों ने डेढ़ घंटे और पुलिस ने किया आठ घंटे किया हाइजैक

Thu, 24 Sep 2020 06:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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गाजियाबाद में डकैती - फोटो : अमर उजाला
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अवंतिका कॉलोनी में डकैती के दौरान बदमाशों ने जहां सुरेश मित्तल के परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, वहीं घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार को पूछताछ के नाम पर करीब 8 घंटे तक हाईजैक रखा।

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पीड़ित परिवार को किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। यहां तक कि मीडिया व पड़ोसियों को भी पीड़ित परिजनों के पास तक फटकने नहीं दिया गया। घंटों की मैराथन पूछताछ के बाद पुलिस ने डकैती की घटना को चंद लाइनों में लिखवाकर लूट में दर्ज कर लिया।

बुधवार तड़के करीब सवा चार बजे बदमाशों के जाने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई। 10 से 15 मिनट बाद ही पहले चौकी पुलिस और फिर कविनगर थाना पुलिस कारोबारी के घर पहुंच गई।  इसके बाद पीड़ित के घर पुलिस अफसरों का तांता लगना शुरू हो गया। एसएसपी के बाद एसपी सिटी ने पीड़ित कारोबारी से घटना की जानकारी ली।
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दोनों अफसरों के जाने के बाद सीओ स्तर के दो अधिकारी पूछताछ में जुट गए। इसके बाद थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच की टीम ने पीड़ित परिवार से घंटों तक लंबी पूछताछ की। इतना ही नहीं, दोपहर बाद एसपी क्राइम ने भी कारोबारी के घर जाकर घटना की जानकारी ली। दोपहर करीब एक बजे पुलिस कारोबारी के घर से पूछताछ कर बाहर निकली।  

पुलिस ने पूछताछ कम, मैनेज ज्यादा किया...
डकैती की घटना की जानकारी लगते ही कारोबारी के आस-पड़ोसी, रिश्तेदार व जानकार आने शुरू हो गए, लेकिन पुलिस ने किसी को अंदर नहीं आने दिया। इसके लिए अफसरों ने कारोबारी के मैनगेट पर पुलिस का पहरा लगा दिया। साथ ही परिजनों को भी सख्त हिदायत दे दी कि मीडिया से बात नहीं करनी है। इस बात को खुद पीड़ित परिवार ने बाद में बताया। आठ घंटों तक कारोबारी का परिवार पुलिस की गिरफ्त में रहा। इस दौरान पुलिस ने पूछताछ के अलावा घर के हालात को मैनेज करने का भी काम किया। जब कारोबारी का गेट खुला तो ऐसा नजारा था, कि मानो अंदर कुछ हुआ ही न हो। 

न सामान अस्तव्यस्त था, न डकैती जैसा माहौल...
घंटों चली पूछताछ के बाद कारोबारी के घर पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। उनकी जिम्मेदारी थी कि पीड़ित कारोबारी से किसी बाहरी व्यक्ति या मीडिया की बातचीत नहीं होने देनी है। इसके अलावा 8 घंटे के दौरान बदमाशों द्वारा खंगाले गए घर को पुलिस द्वारा पूरी तरह सुव्यवस्थित कर दिया गया। अंदर डकैती जैसा कोई माहौल नहीं था। यहां तक कि कारोबारी के परिवार का खौफ भी उनकी जुबां पर नहीं आ रहा था। पीड़ित परिवार का साफ कहना था कि पुलिस ने घटना के बारे में किसी को कुछ भी बताने से साफ इंकार किया है।

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