बीजेपी के चुनावी नारे को व्यक्तिगत टिप्पणी के तौर पर इस्तेमाल करना आम आदमी पार्टी के दो नेताओं को भारी पड़ गया।
मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद 'आप' के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और गोपाल राय की टिप्पणी पर अब कोर्ट ने जवाब तलब किया है।
इस मामले में अब पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। दो नेताओं को नोटिस मिलने के बाद अब पार्टी में संकट के बादल मंड़राने लगे हैं।
ये है सिसोदिया का बयान
दरअसल, बीजेपी नेता और अब मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दायर किए गए मानहानि के मामले में आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बेल बांड भरने से मना दिया था।
बांड न भरने के चलते केजरीवाल को पहले दो दिन और फिर बाद में 14 की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
केजरीवाल के जेल जाने पर आप नेता मनीष सिसोदिया और गोपाल राय दोनों ने कहा था कि अच्छे दिन आ गए हैं तभी केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मोदी ने दिया था नारा
आप नेताओं के इस बयान के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आप के दोनों दिग्गज नेताओं को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी महासमर के दौरान बीजेपी के चुनाव प्रचार अभियान को 'अच्छे दिन आने वाले है' का जुमला दिया था। यही नहीं चुनाव जीतने के बाद 16 मई को मोदी ने नारा दिया था कि अच्छे दिन आ गए।
गौरतलब है कि मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केजरीवाल मानहानि मामले में बेल बांड भरने के लिए राजी हो गए हैं।