अदालत ने व्यवसायी व बसपा के सबसे अमीर उम्मीदवार रहे दीपक भारद्वाज हत्या मामले में उनके छोटे बेटे नितेश समेत सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। दीपक भारद्वाज 2009 के चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार के तौर पर सुर्खियों में आए थे। उस समय उनकी घोषित संपत्ति 600 करोड़ रुपये थी। पारिवारिक संपत्ति विवाद के कारण उनके बेटे नितेश पर सुपारी देकर हत्या करवाने का आरोप था।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने मामले में आरोपी नितेश भारद्वाज, वकील व प्रोपर्टी डीलर बलजीत सहरावत, शार्प शूटर पुरुषोत्तम राणा व सुनील मान, ड्राइवर अमित व कार मालिक राकेश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। इन पर 2013 में दीपक भारद्वाज की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप था।
अभियोजन ने दीपक के बेटे नितेश भारद्वाज पर ही संपत्ति विवाद के कारण अपने पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। अभियोजन के मुताबिक रजोकरी के नजदीक स्थित फार्म हाउस में 26 मार्च 2013 को दीपक भारद्वाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बाबत थाना वसंत कुंज पुलिस ने हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।