हवाओं की गति धीमी पड़ने से दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की चादर बीते एक सप्ताह से टिकी हुई है। पूरे इलाके में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से गंभीर स्तर के बीच बना हुआ है। मंगलवार को गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया, जबकि दिल्ली समेत एनसीआर के दूसरे शहरों की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा कमोवेश स्थिर रहेगी। हवा की गति बढ़ने से बृहस्पतिवार से इसमें सुधार आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को हवा की गति 8-10 किमी प्रति घंटे के बीच रही। वहीं, सामान्य 6 किमी की जगह मिक्सिंग हाइट तीन किमी पर आ गई थी। दोनों के मिले-जुले असर से दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की चादर छंट नहीं सकी। सफर का कहना है कि थोड़ी सहूलियत पराली के धुएं की मात्रा कम होने से रही। मंगलवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा सिर्फ तीन फीसदी था। बुधवार को इसके एक फीसदी पहुंचने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा प्रदूषण गाजियाबाद का था। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर पर 421 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नोएडा व ग्रेटर नोएडा का सूचकांक 395 था। दिल्ली की हवा 369 अंकों तक प्रदूषित थी, जबकि गुरुग्राम व फरीदाबाद का सूचकांक 331 व 363 था।
12 दिसंबर को तेजी से वायु प्रदूषण छंटने का अनुमान
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को हवा की गति और धीमी रहेगी। वहीं, मिक्सिंग हाइट भी नीचे गिरेगी। एक किमी की मिक्सिंग हाइट पर 4 किमी प्रति घंटे से चल रही हवाओं से प्रदूषण का स्तर बढ़ने का अंदेशा है। 12 दिसंबर को हवाओं की गति में तेजी आने का अनुमान है। उस दौरान हवा 20 किमी प्रतिघंटे की गति से चलेगी, जबकि मिक्सिंग हाइट भी 11.50 किमी पर पहुंचने का अनुमान है। सीपीसीबी का कहना है कि इससे प्रदूषण स्तर में तेजी से सुधार आएगा।