दिल्ली की एक अदालत ने जबरन वसूली और अपहरण मामले में सह-आरोपी जलालुद्दीन को जमानत दी, क्योंकि शिकायतकर्ता के साथ उनकी थाईलैंड यात्रा ने आरोपों पर संदेह पैदा किया। मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व भारतीय अधिकारी विकास यादव से जुड़े जबरन वसूली और अपहरण मामले में सह-आरोपी जलालुद्दीन उर्फ समीर को जमानत दे दी। यादव पर अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश का आरोप है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर ने 23 जुलाई के आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता राज कुमार वालिया और जलालुद्दीन के 6 जनवरी 2024 को थाईलैंड की एकसाथ यात्रा करने के सबूत से वालिया के आरोपों पर संदेह पैदा होता है। वालिया ने दावा किया था कि 17 दिसंबर 2023 को विकास यादव और अब्दुल्ला खान ने उनका अपहरण कर हमला किया और लूटपाट की।
अदालत ने पाया कि वालिया ने थाईलैंड यात्रा का खुलासा जांच अधिकारी या अदालत से नहीं किया। पासपोर्ट प्रविष्टियों ने दोनों की एकसाथ यात्रा की पुष्टि की, जिसे अदालत ने "निर्विवाद साक्ष्य" माना। जलालुद्दीन की षड्यंत्रकारी भूमिका थी, कोई बरामदगी नहीं हुई, और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। अदालत ने जलालुद्दीन को एक-एक लाख रुपये के जमानत बांड और दो जमानतियों पर रिहा किया। साथ ही सबूतों से छेड़छाड़ न करने और शिकायतकर्ता से संपर्क न करने की शर्तें लगाईं। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।