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दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू: दो हजार होटल व 5500 जिम पर संकट के बादल

Fri, 16 Apr 2021 12:29 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

नए आदेश के बाद करीब दो हजार होटल, रेस्तरां व 5500 जिम मालिक और  इससे जुड़े लोगों के रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लोगों की चिंता है कि इस बार उद्योग पर ताला लगने से उद्योग को पूरी तरह से बंद करने तक की नौबत आ सकती है।
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फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के चैन को तोड़ने के लिए होटल, रेस्तरां, स्पा बार और जिम उद्योग पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नए आदेश के बाद करीब दो हजार होटल, रेस्तरां व 5500 जिम मालिक और  इससे जुड़े लोगों के रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लोगों की चिंता है कि इस बार उद्योग पर ताला लगने से उद्योग को पूरी तरह से बंद करने तक की नौबत आ सकती है।

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दिल्ली में महिपालपुर, पहाड़गंज व करोल बाग आदि इलाकों में करीब दो हजार छोटे बड़े होटल और गेस्ट हाउस हैं। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में सैलानी और व्यापारी ठहरने के लिए आते हैं। चिंता का विषय है कि नए प्रतिबंध से इस उद्योग से जुड़े एक लाख से भी अधिक लोगों के आगे रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

इस संबंध में दिल्ली होटल एंड रेस्तरां ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खंडेलवाल ने कहा कि पिछले लॉकडाउन की वजह से इंडस्ट्री पूरी तरह से उभर भी नहीं चुकी थी कि एक बार फिर महामारी ने काम पर ब्रेक लगा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस इंडस्ट्री से एक लाख से भी अधिक व्यक्ति विभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।
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नए आदेश के बाद से होटल व रेस्तरां मालिकों के साथ- साथ इससे जुड़े लोगों के आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि कई होटल किराए पर चल रहे हैं और कई होटल व्यापारियों को ईएमआई तक भरनी है। इस वजह से व्यापारियों का घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।

सप्ताहांत पर पांच फीसदी रह जाएगा होटल का काम
दिल्ली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खंडेलवाल ने कहा कि अधिकतर पड़ोसी राज्यों से व्यापारी राजधानी में सप्ताहांत के अवसर पर पहुंचता है और होटल में ठहरता है। नए आदेश के बाद व्यापारी और अन्य सैलानी भी अब राजधानी का रुख नहीं करेंगे। इससे होटल उद्योग का काम पांच फीसदी तक सिमट जाएगा। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत पर होटल उद्योग में कमाई के अच्छे अवसर रहते हैं, लेकिन नए आदेश के बाद से उद्योग एक बार फिर से  बेपटरी होने के लिए तैयार है।

नए आदेश से 5500 जिम पर लटकी बंद की तलवार
नए आदेश के बाद से दिल्ली के अधिकृत और अनधिकृत कॉलोनियों में बने 5500 जिम बंद होने की कगार पर हैं। इससे जुड़े  हजारों की संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। दिल्ली जिम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चिराग सेठी ने कहा कि नए आदेश के बाद से 5500 जिम पर बंद होने की तलवार लटक चुकी है। इससे इस उद्योग से जुड़े लोगों के आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद अक्तूबर में जिम को खोलने के आदेश जारी हुए थे। इसके बाद बमुश्किल ही जिम इंडस्ट्री पटरी पर लौट रही थी। इससे पहले ही एक बार फिर कोरोना का दंश तेजी से लौट आया है।

सेठी ने मांग करते हुए कहा कि जिम उद्दोग को 30 से 50 फीसदी क्षमता के साथ खोले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। वहीं, जिन जिम में मानकों का पालन नहीं हो रहा है वहां सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक आदेश के तले पूरी इंडस्ट्री को संकट में डालना कई लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर रहा है।

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