मौजूदा आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार पद दिल्ली सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने अपने पूर्व सांसद, मंत्री व विधायकों को उतारा है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की बर्खास्तगी की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सीबीआई जांच के शुरुआत में ही आबकारी नीति में भ्रष्टाचार उजागर हो गया है। लिहाजा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिसोदिया को बर्खास्त करें। भ्रष्टाचारी सरकार को बर्खास्त करो, अब तो यह स्पष्ट है केजरीवाल भ्रष्ट के जमकर नारे इस मौके पर लगे।
इस मौके पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कहा कि सीबीआई जांच शुरु होते ही केजरीवाल की आम आदमी पार्टी बौखला गई है। पूछा कि जब कोई भ्रष्टाचार नही हुआ तो सीबीआई जांच की सिफारिश के तुरंत बाद शराब नीति को वापस क्यों लिया? शराब नीति में भ्रष्टाचार का खुलासा होने बाद केजरीवाल सहित मनीष सिसोदिया का जेल जाना तय हो गया है। दीक्षित ने मांग की कि इस भ्रष्टाचार की जांच के लिए आयोग का गठन किया जाए। आशंका जताया कि जांच के बीच में डील हो सकती है। ऐसे कई मुद्दे है जिन पर भाजपा और आम आदमी पार्टी मिलीभगत के तहत एक साथ खड़ी दिखाई दी है।
पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि केजरीवाल राजनीति में आने के पहले से ही भ्रष्ट है। भ्रष्टाचार मुक्ति की बात करने वाले मुख्यमंत्री लोगों को गुमराह करने का काम रहे हैं। भ्रष्ट सरकार और भ्रष्ट मंत्रियां के पापों का घड़ा भर चुका है। उन्हें यह पता है कि शराब माफिया को अतिरिक्त लाभ पहुंचाया गया है जिससे राजस्व में भारी घाटा हुआ है। इसलिए शराब नीति को वापस ले लिया। सिसोदिया को जेल जाने से बचाने की औपचारिकताऐं निभा रहे है।
पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के नेतृत्व में पहले दिन से ही विरोध चल रहा है। इसी का परिणाम रहा कि उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच के आदेश जारी किए। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री किरण वालिया, जय किशन, मतीन अहमद, विजय लोचव, हरी शंकर गुप्ता, समेत कई नेता शामिल हुए।