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राहुल-केजरीवाल की मुलाकात से प्रदेश कांग्रेस बेचैन, पहले भी हुई थी गठजोड़ की चर्चा

Sun, 02 Dec 2018 06:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के किसान रैली में हाथ मिलाने और खुशनुमा माहौल में दोनों की मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस में फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश सतर के नेताओं में इस मुलाकात से खासी बेचैनी है। 
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हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के विदेश में होने के चलते कोई भी नेता खुलकर बयानबाजी करने से बचता रहा। गौरतलब है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है। 

आप ने कभी इसका खंडन नहीं किया, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने खुलकर संभावित गठबंधन पर विरोध जताया था। उन्होंने तो स्पष्ट कह दिया था कि ऐसा कोई गठबंधन हुआ तो कांग्रेस के लिए आत्मघाती होगा। 
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अजय माकन ने कुछ अरसा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पद से भी त्यागपत्र दे दिया था। इसके पीछे उन्होंने अपने स्वास्थ्य को कारण बताया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आप से संभावित गठजोड़ को रोकने के लिए ही दबाव की राजनीति के तहत त्यागपत्र की बात की थी।

 
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इससे पूर्व, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेज प्रताप द्वारा आयोजित रैली में राहुल गांधी और केजरीवाल एक-दूसरे के साथ मंच साझा करने से बचते रहे थे। उस समय केजरीवाल के जाने के बाद ही राहुल गांधी मंच पर आए थे। 

अब किसान रैली में दोनों ने मंच साझा ही नहीं किया, बल्कि एक-दूसरे से हाथ मिलाकर बात भी की। इसी के साथ प्रदेश स्तर पर फिर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस का रुख केजरीवाल के प्रति नरम हुआ है और क्या चुनावों में दोनों के बीच गठबंधन होगा। 

इसके बावजूद कोई भी कांग्रेस नेता इस पर बयान देने से बचता रहा। इसका कारण माकन का विदेश में होना बताया गया। हालांकि करीब दस दिन बाद माकन के देश लौटने पर इस मुद्दे पर सियासत गर्मा सकती है।
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