अजय माकन रविवार को दिल्ली में कांग्रेस की बागडोर संभालेंगे। दिल्ली में कांग्रेस की डूबती नैया को बचाने के लिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने का निर्णय पार्टी आलाकमान ने लिया था। रविवार को माकन राजीव भवन स्थित प्रदेश कार्यालय में कामकाज संभालेंगे।
माकन की सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश के नेताओं को एक जुट करने की होगी। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ माकन की अनबन पिछले कई सालों से है। इसे भी पाटने की कोशिश होगी। इसी तरह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल व अरविंदर सिंह के साथ तालमेल बिठाने की चुनौती होगी।
पार्टी का मानना है कि एमसीडी में भी आम आदमी पार्टी का कब्जा हो गया तो फिर दिल्ली में कांग्रेस का संगठन पूरे तरीके से बिखर जाएगा। अब देखना है कि रविवार को आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में कितने लोग माकन के पक्ष में दिखते हैं और कितने नेता अलग-थलग भूमिका में।