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Rajendra Nagar: बायोमेट्रिक बना छात्रों के लिए काल, हादसे के समय नहीं खुला गेट; अधिकतर कोचिंग सेंटर का यही हाल

Tue, 30 Jul 2024 03:50 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्टडी सेंटर में यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र मनीष कुमार ने बताया कि 27 जुलाई को जो हुआ उसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। किसी छात्र ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि बायोमैट्रिक दरवाजे भी उनके लिए खतरा हो सकते हैं।
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बेसमेंट के अलावा ऊपर जाने के लिए भी बायोमैट्रिक दरवाजों का हो रहा इस्तेमाल - फोटो : भूपिंदर सिंह
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विस्तार
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राजेंद्र नगर के स्टडी सेंटर में पानी भरना शुरू हुआ तो बेसमेंट के दरवाजे पर लगा बायोमेट्रिक डोर फेल हो गया। दरअसल पानी भरते ही स्टडी सेंटर की बत्ती गुल हो गई। अंधेरे और पानी के बीच छात्रों ने निकलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर ही फंस गए। बेसमेंट में आने और जाने के लिए दो जीने बने हुए हैं। कुछ ने दूसरे रास्ते की ओर जाने का प्रयास किया तो वह अंधेरे में फंस गए।

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इस बीच सामने की ओर लगा कांच का दरवाजा टूट गया और छात्रों ने वहां से भागकर जान बचाई। यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों का आरोप है कि पूरे ही राजेंद्र नगर के ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में बायोमेट्रिक डोर से एंट्री है। किसी भी हादसे के समय यह डोर बड़ी मुसीबत बन सकते हैं, राव आईएएस स्टडी सेंटर वाले हादसे में ऐसा ही हुआ।

स्टडी सेंटर में यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र मनीष कुमार ने बताया कि 27 जुलाई को जो हुआ उसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। किसी छात्र ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि बायोमैट्रिक दरवाजे भी उनके लिए खतरा हो सकते हैं। शनिवार को बेसमेंट में पानी आया तो शीशे का दरवाजा जाम हो गया और छात्र अंदर ही फंस गए।

मनीष का कहना था कि बायोमेट्रिक के विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए। ज्यादातर इमारतों में बेसमेंट के अलावा ऊपर की मंजिलों पर जाने के लिए इसी तरह के दरवाजे लगे हुए हैं। इन इमारतों में एसी लगा होने की वजह से बालकनी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हादसे के समय छात्रों के फंसने की पूरी आशंका है।

अन्य छात्र पुनीत ने बताया कि एरिया की लगभग 80 फीसदी इमारतों में इसी तरह के इंतजाम हैं। इमारतों को लाइसेंस देने वाली सिविक एजेंसियों को इस ओर ध्यान देकर सभी इमारतों की जांच करनी चाहिए। कोचिंग सेंटर छात्रों से मोटी फीस लेकर उनकी मजबूरियों को फायदा उठाते हैं। चाहकर भी कोचिंग सेंटरों के खिलाफ शिकायत नहीं की जाती।
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दूसरी ओर दमकल विभाग के डिविजनल ऑफिसर मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बेसमेंट के मेन गेट पर लगा दरवाजा पानी की रफ्तार से टूट गया। उनकी टीम जब पहुंची तो दरवाजा टूट चुका था। वहीं मामले पर मध्य जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि यहां बायोमेट्रिक दरवाजा था या नहीं इसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
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