भाजपा ने शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता को राजधानी की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री पेशे से वकील हैं और वह तीन बार पार्षद भी रही हैं। लेकिन, उनके पास कार नहीं है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबको चौंकाने के बाद भाजपा ने एक बार फिर सीएम के नाम की घोषणा के साथ लोगों को चौंका दिया है। भाजपा ने शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता को राजधानी की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में चुना है।
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दिल्ली की नई मुख्यमंत्री पेशे से वकील हैं और वह तीन बार पार्षद भी रही हैं। लेकिन, उनके पास कार नहीं है। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास चल संपत्ति 2.30 करोड़ रुपये और अचल संपत्ति 1.25 करोड़ रुपये है।
शालीमार बाग विधानसभा सीट से वह पहली बार विधायक बनी हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) की वंदना कुमारी को इसी चुनाव में 29,595 वोटों से हराया है। 50 वर्षीय रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ।
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इनकी वार्षिक आय 2023-24 में 6.92 लाख रही, जबकि उनके पति मनीष गुप्ता की आय इसी अवधि में 97.33 लाख थी। दिल्ली में वैश्य समुदाय की मजबूत उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाकर इस समुदाय को साधने का प्रयास किया है।
इसके साथ ही, महिला मुख्यमंत्री नियुक्त करके पार्टी ने महिला मतदाताओं को भी संदेश देने की कोशिश की है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के ऊपर एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
महिलाओं से जुड़े मुद्दों को मिलेगी प्राथमिकता
महिला मुख्यमंत्री बनने से लोगों में उम्मीद जगी है कि अब महिला सुरक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कई योजनाओं की घोषणा की थी, जिन्हें अब अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेखा गुप्ता का कार्यकाल महिला नेतृत्व को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा। उनकी नीतियों और फैसलों पर जनता की नजर बनी रहेगी।