इससे पहले, उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पीटीएम बच्चों के सर्वांगीण विकास की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने का माध्यम है। इसलिए इससे जुड़े रहें। स्कूल में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं। पीटीएम के बाद उपमुख्यमंत्री ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोचनपुर, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस सेक्टर-22 द्वारका व सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-2 द्वारका का दौरा भी किया।
अभिभावकों ने भी रखे अनुभव
सुप्रीम कोर्ट के वकील गौरव यादव ने कहा कि उनके दो बच्चे हैं। उन्होंने साहिबाबाद में घर बनाया है। उनका बेटा वहां नहीं पढ़ना चाहता था। पहले हिंदी भी नहीं बोल पाता था, पर अब अंग्रेजी में बात करता है। स्कूल में अच्छे वातावरण से बच्चों का विकास हो रहा है। एक अन्य अभिभावक मोहम्मद आसिफ ने कहा कि उनका बेटा 9वीं में है। निजी स्कूल में फीस अत्यधिक होती थी। इससे घर खर्च में दिक्कत आती थी। अब बेटा सरकारी स्कूल में है तो बेहतर शिक्षा तो है, पर महंगी फीस नहीं देनी पड़ती।
शिक्षकों ने कहा, पीटीएम से सुधरा रिजल्ट
शिक्षकों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले पीटीएम नहीं होती थी। इससे बच्चों की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाना मुश्किल होता था। इस प्लेटफार्म पर वे सीधे अभिभावकों से मिल पाते हैं। इसी कारण सरकारी स्कूलों का रिजल्ट सौ फीसदी पहुंच गया है। अब हमारे बच्चे आईआईटी, मेडिकल में चयनित हो रहे हैँ।