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दिल्ली देहात के मतदाताओं को साधने में जुटी भाजपा, नेताओं ने बैठक कर बताए सीएए के फायदे

Sat, 04 Jan 2020 07:16 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Social Media
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भाजपा दिल्ली देहात के मतदाताओं को साधने में जुट गई है। शनिवार को भाजपा ने दक्षिणी दिल्ली के 70 गांवों के सरपंचों के साथ बैठक कर उन्हें सीएए के फायदे से अवगत कराया। 

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सरपंचों के साथ पंचायत सभा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है। केंद्र सरकार इस कानून को लेकर पीछे हटने वाले नहीं है। नागरिकता संशोधन कानून से किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है। यह कानून धर्म के आधार पर सताए हुए लोगों को नागरिकता देने के लिए है किसी से छीनने के लिए नहीं। 

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली में भ्रम फैलाकर धर्म के आधार पर डर की स्थिति बना रही है। इससे बचने की जरूरत है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि गांवों के प्रमुख होने के नाते वे अपने क्षेत्र के लोगों को समझाएं कि सीएए को लेकर किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नहीं है। 
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दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से विपक्षी दल के नेता तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे है। मुस्लिम भाईयों को भड़काने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश मंत्री विक्रम बिधूड़ी, जिलाध्यक्ष विजय पंडित, इंद्रजीत सहरावत, पार्षद ममता धामा, अमन गुप्ता, सुषमा गोदारा समेत भाजपा के कई नेता उपस्थित थे। 

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सीएए पर आप में खलबली

इधर, दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) का शीर्ष नेतृत्व बेशक राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर संभलकर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन पार्टी का एक धड़ा इसके खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने के हक में है। यहां तक कि कुछ विधायक इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कर रहे हैं।

कुछ विधायकों का मानना है कि एनआरसी और सीएए पर पार्टी की संभलकर चलने की रणनीति चुनावी नजरिए से घाटे का सौदा हो सकती है। इससे भाजपा विरोधी मतदाताओं के कांग्रेस से जुड़ने का खतरा भी है। 
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