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Nirbhaya case: दोषियों की फांसी के बाद बोले केजरीवाल- संकल्प लीजिए कि देश में दूसरा निर्भया कांड नहीं होने देंगे

Fri, 20 Mar 2020 11:27 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Nirbhaya case अरविंद केजरीवाल - फोटो : Social Media
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निर्भया के गुनहगारों को फांसी होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों से निर्भया सरीखा दूसरा मामला न होने देने का संकल्प लेने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फांसी में व्यवस्था की खामियों के कारण सात साल का इंतजार करना पड़ा। हमें इन कमियों को जल्द से जल्द दुरूस्त करने की जरूरत है।

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अरविंद केजरीवाल का कहना है कि निर्भया को न्याय पाने में सात साल लग गए। आज वह दिन है जब सभी लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि अब देश में निर्भया जैसी दूसरी घटना नहीं होगी। इसके लिए सभी के स्तर पर काम करने की जरूरत है। पुलिस का सिस्टम ठीक करना है। 

उन्होंने कहा कि जब कोई महिला पुलिस के पास जाती है, तो अक्सर उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया जाता है। उसकी एफआईआर नहीं दर्ज की जाती है। पुलिस का यह नजरिया बदलना होगा। इस तरह के मामलों की जांच जल्द पूरी करने के लिए पूरी प्रक्रिया बदलनी पड़ेगी। न्याय व्यवस्था को ठीक करने की जरूरत है, ताकि अपराधी को सजा मिलने में सात साल न लगे। 
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केजरीवाल ने कहा कि इसकी जगह छह महीने में दोषियों को फांसी मिले। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था और पुलिस दिल्ली सरकार के नियंत्रण में नहीं है, फिर भी, हमारी जितनी जिम्मेदारियां हैं, उसे हमें उठाने की जरूरत है। हमें वह सारे कदम उठाने की जरूरत है, जिससे महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं। 

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पूरी दिल्ली में जहां भी अंधेरा रहता है, वहां स्ट्रीट लाइट्स लग रही हैं। दिल्ली सरकार की बसों में मार्शल की नियुक्ति की गई है। हमारी सरकार के जो भी काम हैं, हमें उसे करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जैसे निर्भया का पूरा केस हुआ, वह एक उदाहरण है कि किस तरह कानून प्रणाली के अंदर कमियां हैं, जो दोषियों को मदद करती हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने में कितनी देरी करती हैं। 

केजरीवाल के मुताबिक, सबने देखा कि फांसी की सजा मिलने के बाद भी दोषियों ने पूरे सिस्टम को किस तरह गुमराह किया और हर बार फांसी की तारीख इनकी पैंतरेबाजी में स्थगित हो जाती थी। इन सारी कमियों को हम सभी को मिल कर ठीक करना होगा।
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