नई दिल्ली सीट से तीन बार के विधायक केजरीवाल को भाजपा के प्रवेश वर्मा से हार मिली, जबकि मनीष सिसोदिया अपनी सीट पटपड़गंज को छोड़कर जंगपुरा से चुनावी मैदान में थे, लेकिन उन्हें भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह से शिकस्त मिली। वहीं, शकूर बस्ती सीट भी हॉट सीट थी। यहां से सत्येंद्र जैन भाजपा के करनैल सिंह से हार गए। साथ ही, मालवीय नगर सीट से सोमनाथ भारती को भाजपा के सतीश उपाध्याय से हार मिली है।
ताहिर हुसैन व शिफा उर रहमान भी हारे
मुस्तफाबाद से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार ताहिर हुसैन को भी हार मिली है। वे जेल में हैं। ओखला से पार्टी के उम्मीदवार शिफा उर रहमान को भी हाल मिली है। वहीं, सीएम आतिशी ने मामूली अंतर से भाजपा प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी को हरा दिया है। ऐसे में आतिशी की जीत आप के लिए राहत की खबर है।
दिल्लीवासियों को भाए ये उम्मीदवार
आप और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए उम्मीदवार दिल्लीवासियों को सबसे अधिक भाए हैं। इस चुनाव में कुल 21 दलबदलुओं ने रणभूमि में अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें भाजपा से नौ दलबदलुओं में से पांच ने अपनी सीट पक्की की है। जबकि आप के सात में से केवल तीन उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। ऐसे में केवल आठ दलबदलुओं ने जीत का सेहरा पहना है। यह उम्मीदवार पाला बदलने में माहिर रहे हैं। हैरानी की बात है कि कांग्रेस में जाने वाले पांच दलबदलू में से कोई भी उम्मीदवार जीत नहीं दर्ज करा पाए हैं।
भाजपा के जीत के रथ को इन पांच उम्मीदवारों ने आगे बढ़ाया
भाजपा में आप व कांग्रेस से आए उम्मीदवारों ने जीत के रथ को आगे बढ़ाया है। इसमें दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा की टिकट से बिजवासन से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं, भाजपा में आए पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरदार अरविंदर सिंह लवली ने गांधी नगर, राजकुमार चौहान ने मंगोलपुरी, कांग्रेस से भाजपा में आए नीरज बसोया ने कस्तूरबा नगर, आप से भाजपा में आए करतार सिंह तंवर ने छतरपुर से जीत दर्ज की है। चुनाव के परिणाम में इन्हें दिल्ली चुनाव का असल मौसम वैज्ञानिक कहा जा रहा है।
भाजपा से आप में आने वाले तीन उम्मीदवारों ने की जीत दर्ज
भाजपा से आप में आए अनिल झा ने किराड़ी, प्रवेश रतन ने पटेल नगर और कांग्रेस से आप में आए चौधरी जुबैर अहमद को मैदान में उतारा था। इन्हें जीत का सेहरा मिला है। इसके अलावा आप से भाजपा में आए राजकुमार आनंद, प्रियंका गौतम, मनीष चौधरी व बीएसपी से आए नारायण दत्त शर्मा को हार का समाना करना पड़ा है। ऐसे में 21 में से आठ दलबदलुओं ने चुनाव से पहले पाला बदलने के बावजूद जीत की दर्ज की है। बात दें कि 2020 विधानसभा चुनाव में कुल 14 प्रत्याशियों ने अपने दल बदलकर अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें सात प्रत्याशियों को जीत का स्वाद चखने को मिला था। बाकि, सात प्रत्याशी धड़ाम हो गए थे। ऐसे में सियासी संग्राम में पाला बदलने वालों का 50 फीसदी स्कोर रहा है। पिछले चुनाव में सात में से छह प्रत्याशी आप से विजयी हुए थे। जबकि आठ प्रत्याशियों को भाजपा और कांग्रेस में जाने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, इस बार यह चाल उलट गई है।
भाजपा से आप व कांग्रेस में जाने वाले उम्मीदवारों को हुआ नुकसान
चुनाव में भाजपा से आप व कांग्रेस में जाने वाले उम्मीदवारों को नुकसान हुआ है। भाजपा से आप में शामिल हुए पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी, ब्रह्म सिंह तंवर, सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, रमेश पहलवान के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक सुमेश शौकीन, महेंद्र चौधरी भी चुनावी दंगल में हार गए हैं।