पुलिस सूत्रों की मानें तो शिकायत में जिस विधायक के सोफे पर बराबर में बैठे होने का जिक्र किया गया था, वह प्रकाश जारवाल थे। सूत्रों का कहना है कि प्रकाश जारवाल ने ही मुख्य सचिव को एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।
इधर, देर रात प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार करने के बाद पूरी रात पुलिस ने अमानतुलाह खान के घर व अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन रात को वह नहीं मिले। रातभर पुलिस उनके घर के बाहर मौजूद रही।
सुबह करीब 11 बजे अमानतुल्लाह अपने समर्थकों व मीडिया के साथ जामिया नगर थाने पहुंचे और समर्पण कर दिया। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेकर सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया।
बाद में उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। विधायक ने गिरफ्तारी के समय खुद को बेकसूर बताते हुए आरोपों को गलत बताया। दोनों विधायकों को बुधवार तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने अदालत से दोनों की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने रिमांड की मांग खारिज करते हुए दोनों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बृहस्पतिवार को दोनों विधायकों को दुबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
'मुख्य सचिव की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई, जिसके बाद पहले देवली के विधायक प्रकाश जारवाल को हिरासत में लिया गया, बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इधर अमानतुल्लाह खान मीडिया के साथ थाने पहुंचे थे, उन्हें भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।' -दीपेंद्र पाठक, स्पेशल सीपी और मुख्य प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस