बैठक में सरकार के तीन साल पूरे होने पर विज्ञापन को लेकर बात शुरू ही हुई थी कि एक विधायक उन पर चिल्लाने लगा और अपशब्द कहे। साथ ही उन्हें एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी। अचानक बगल में बैठे विधायक अमानतुल्लाह खां ने पहले उनके सिर पर मारा और धक्कामुक्की करने लगे। इसमें उनका चश्मा भी नीचे गिर गया।
उधर, सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। बैठक में मौजूद विधायक प्रकाश जारवाल व अजय दत्त का कहना है कि वह मुख्य सचिव से 2.50 लाख लोगों को राशन नहीं मिलने को लेकर सवाल पूछ रहे थे।
मुख्य सचिव ने जवाब देन से मना करते हुए जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया। साथ ही कहा कि उनके बॉस एलजी हैं। विधायक के प्रति उनकी जवाबदेही नहीं है। प्रकाश जारवाल व अजयदत्त ने पुलिस आयुक्त समेत एससी एसटी आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है।
उपमुख्यमंत्री बोले, आरोप बेबुनियाद
मुख्य सचिव के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग सरकार के तीन साल के कामकाज को खराब करना चाहते हैं। इसलिए सचिवालय का माहौल भी खराब कर दिया है। मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है। विधायकों ने राशन नहीं दिए जाने पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा था। उसे लेकर बातचीत में थोड़ी गरमागरमी हुई थी, लेकिन मारपीट का आरोप निराधार है।-मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री
हड़ताल पर गए अधिकारियों व कर्मचारियों पर पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट का आरोप लगा है। दिल्ली सचिवालय में दोपहर साढ़े 12 बजे अधिकारी कामकाज ठप कर प्रथम तल पर बैठे थे।
उसी समय सचिवालय से बाहर जा रहे पर्यावरण मंत्री व सरकार के खिलाफ अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी की। मंत्री के साथ धक्कामुक्की न हो, इसे रोकने गए उनके सहयोगी हिमांशु के साथ मारपीट की गई। बीच बचाव करने गए पर्यावरण मंत्री के साथ भी मारपीट की गई।
राजनीतिक अखाड़ा बना सचिवालय, सरकार का कामकाज ठप
मारपीट की खबर आने के बाद दिल्ली सचिवालय राजनीतिक अखाड़ा बन गया । दिनभर चले शिकायतों के दौर के बीच मंगलवार को सरकार का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। दिल्ली सचिवालय में दास कैडर के अधिकारी मुख्य सचिव के समर्थन में हड़ताल पर चले गए।
आईएएस एसोसिएशन के आरोप
. मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सीएम आवास पर आप विधायकों ने पिटाई की।
. विज्ञापन को लेकर बैठक बुलाई गई थी। सरकार उसे रोके जाने का कारण जानना चाहती थी।
. हमने किसी भी तरह का हड़ताल नहीं किया है। सिर्फ विरोध में काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
सरकार का जवाब
. मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई, मगर मारपीट का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद।
. बैठक विज्ञापन को लेकर नहीं, बल्कि दिल्ली में ढाई लाख लोगों के राशन नहीं मिलने पर बुलाई थी।
. साजिशन सरकार के कामकाज को खराब करने के लिए सचिवालय में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है।
. हमारे नेता पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट की गई। डीडीसी उपाध्यक्ष के साथ भी धक्कामुक्की हुई।