नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि जितनी शिद्दत से पुलिस इस मामले में जांच कर रही है, उसी तरह जांच एजेसियों को जस्टिस लोया की हत्या के मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी पूछताछ करनी चाहिये।
मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की जांच करने के लिये भारी पुलिस दस्ता दोपहर करीब 11.35 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। अरविंद केजरीवाल उस वक्त अपने आवास पर मौजूद थे।
हालांकि, थोड़ी देर बाद वह एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिये चले गये थे। पुलिस करीब दो घंटे तक मुख्यमंत्री आवास में रही। इस दौरान वहां लगे सभी सीसीटीवी 21 कैमरों की फुटेज खंगाली गयी।
पुलिस ने सभी कैमरों की फुटेज व डीवीआर जब्त कर लिया। वहीं, कमरों का निरीक्षण करने के साथ आवास की पुताई, मरम्मत सीसीसीटीवी लगाने आदि के समय बारे में भी पुलिस ने संबंधित कर्मियों से पूछताछ की।
मुख्यमंत्री आवास पर छापेमारी की उत्तरी जिले के अडिशनल डीसीपी हरेंद्र कुमार सिंह की देखरेख में की गई है। पुलिस टीम के साथ फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी मौजूद रही।
छापेमारी के बाद में मीडिया से बात हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी से मुख्यमंत्री आवास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व डीवीआर मांगी थी। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी फुटेज न मिलने से उनकी टीम फुटेज लेने मौके पर पहुंची।
21 कैमरों की फुटेज जब्त कर ली गयी है। कैमरों का समय मानक समय से 40.42 मिनट पीछे है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से कोई पूछताछ नहीं हुयी। अभी इसकी जरूरत भी नहीं है। हो सकता है कि बैठक में मौजूद दूसरे विधायकों से पूछताछ करनी पड़े।