ठंड के मौसम में प्रदूषण से बढ़ जाती हैं कई समस्याएं
ठंड के महीनों में बढ़ने वाला वायु प्रदूषण कोरोना मरीजों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है। कोरोना का सबसे गहरा असर लोगों के फेफड़ों पर होता है। इससे कोरोना पीड़ित लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है और रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है। कई बार यह जानलेवा साबित होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग कोरोना से स्वस्थ भी हो जाते हैं, उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहती है। ऐसे में ठंड के समय बढ़ने वाला प्रदूषण उनके लिए ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। इसके लिए अभी से सावधान रहने की जरूरत है।
मैक्स अस्पताल, साकेत के हृदय रोग विभाग के निदेशक डॉ. केवल कृष्ण ने अमर उजाला को बताया कि हवा में प्रदूषण बढ़ने से शरीर को मिलने वाले ऑक्सीजन की मात्रा में गिरावट हो सकती है। इससे जिन लोगों को कोरोना है, या कोरोना से स्वस्थ भी हो चुके हैं, उनके शरीर को मिलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा गिरावट हो सकती है। यह उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
डॉ. केवल कृष्ण ने कहा कि कोरोना के मामलों में लोगों की सांस लेने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। प्रदूषण के कारण जब हवा में पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य हानिकारक गैसों का दबाव बढ़ेगा, तो शरीर को मिलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में ज्यादा गिरावट हो सकती है। इसलिए ज्यादा गंभीर रोगियों को ऐसे माहौल में जाने से बचने की कोशिश करनी चाहिए।
किस प्रकार दिख सकता है असर
बीएलके अस्पताल के डॉ. संदीप नायर के मुताबिक प्रदूषण की वजह से शरीर को ऑक्सीजन की मात्रा मिलने में कमी आ सकती है। इससे कोरोना मरीजों को ज्यादा जल्दी थकान महसूस होने लगेगी। घबराहट बढ़ सकती है और थोड़ा भारी सामान उठाने या सीढ़ियों के चढ़ने के दौरान भी पसीना आ सकता है। इससे बचने के लिए ज्यादा भारी काम न करें। लेकिन स्वस्थ रहने के लिए हल्की शारीरिक गतिविधियों को जारी रखें।
अभी से करें ये काम
अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो आपको अभी से व्यायाम, दौड़, योगा और शरीर की प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने की कोशिशें शुरू कर देनी चाहिए, जिससे आप प्रदूषण के कुप्रभाव से बचे रहें। लेकिन अगर आप कोरोना या अन्य किसी बीमारी से पीड़ित रह चुके हैं, तो सावधानी के साथ आपको थोड़ी-थोड़ी दूर टहलना चाहिए। ज्यादा भारी व्यायाम करने से नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है, इसके लिए ऐसे लोगों को हल्का व्यायाम ही करना चाहिए। शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े का उपयोग करना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि अब सिर्फ कोरोना से ही नहीं, प्रदूषण से बचने के लिए भी मास्क जरूर लगाना चाहिए।