दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी राजधानी में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। अगर बाद में संक्रमण बहुत तेजी से होता है तो सभी से आवश्यक विचार-विमर्श करके इस पर निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की यह चौथी लहर है, लेकिन अनुभव बताते हैं कि यह कम घातक है और लोगों को अस्पतालों में भर्ती होने की कम आवश्यकता पड़ रही है। लोग घरों पर रहकर ही इलाज करा ले रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से हर आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन सुविधा देने की मांग की।
शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बताया कि कोरोना की इस लहर से लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली सरकार की तैयारी पूरी है। अस्पतालों में हर आवश्यक सुविधा बढ़ाने का काम किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इसमें और अधिक सुधार किया जायेगा, लेकिन लोगों के लिए यह आवश्यक है कि वे इसके प्रति सतर्क रहें और मास्क पहनें और शारीरिक दूरी बनाये रखने के नियमों का पालन करें।
केजरीवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस स्तर में भी टेस्टिंग, ट्रेसिंग और आइसोलेशन को सरकार अपनी प्राथमिकता बनाकर चल रही है। यह लहर कम घातक है और लोग घर पर ही अपना इलाज सफलतापूर्वक करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह बेहद आवश्यक है कि केंद्र सरकार वैक्सीन लगाने के नियमों में छूट दे क्योंकि अभी के नियमों के अनुसार इसकी एक सीमा है, जिसके कारण सभी को वैक्सीन देना संभव नहीं हो पायेगा। इसके लिए वर्तमान नियमों में छूट दी जानी चाहिए। इसमें हर आयु वर्ग को वैक्सीन देना और अस्पतालों की बजाय सभी जगहों पर वैक्सीन देना शामिल किया जाना चाहिए।