किसान के मोबाइल पर मैसेज (संदेश) न पहुंचने के कारण जिले में बृहस्पतिवार को छह में से एक भी मंडी में गेहूं की फसल का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका। वहीं, एक दिन पूर्व के प्रदेश सरकार और प्रशासन मंडियों में फसल खरीदी के लिए पूरी तैयारी के दावे करते रहे। फसल की कटाई कर चुके किसानों को दिनभर सरकारी आदेश का इंतजार रहा। ऐसे में मैसेज न आने पर किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कुछ किसानों के पास मैसेज आया तो फसल खरीद के लिए दूसरे जिले की मंडी अलॉट कर दी गई।
व्यवस्था अनुसार पंचकुला स्थित मुख्य कार्यालय से किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल’ पर किए गए पंजीकरण के अनुसार संदेश भेजे जाने हैं। पूर्व में इसकी सुविधा किसानों को आढ़तियों के जरिए दी जा रही थी। इसमें किसान की फसल तैयार होती तो उसकी स्वयं मैपिंग करा कर फसल मंगवा लेते थे।
इस वर्ष से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें किसानों की फसल खरीद की तारीख सरकार तय कर रही है। ऐसे में किसान और आढ़ती के बीच सिस्टम गेप बन गया है। कुछ किसानों की फसल कटाई के लिए खड़ी है तो उन्हें डर है कि मोबाइल पर फसल बेचने का मैसेज न आ जाए। वहीं, कुछ किसानों की फसल कट गई है तो उन्हें फसल खरीद के लिए सरकारी संदेश का इंतजार है। उधर अधिकारियों का डंडा आढ़तियों पर जमकर चल रहा है। सख्त आदेश हैं कि बिना गेट पास किसी भी किसान की फसल न खरीदी जाए। ऐसे में न तो किसान अपनी फसल बेच पा रहा है न आढ़ती खरीद के लिए आगे आ पा रहा है।
मैसेज के फेर में फंसे किसानों ने बताई समस्या
मेरे खेतों में करीब 20 एकड़ फसल की कटाई हो चुकी है। अभी तक मेरे पास कोई संदेश नहीं आया और आढ़ती बार-बार संदेश आने पर फसल लाने की बात कर रहा है। ऐसी स्थिति में अपने 20 एकड़ की फसल को कहां लेकर जाऊं। अगर गेहूं को खेत से घर रखता हूं तो मुझे डबल लेबर देनी होगी। - गंगाचरण, गांव जवां
मेरी फसल कट रही है, मैं पहले इसको खेत से सीधे मंडी में ले जाता था, लेकिन अबकी बार आढ़ती फसल के लिए मना कर रहे हैं जबकि मेरे पास फसल को लाने ले जाने की व्यवस्था नहीं है। वहीं, अगर खेत से घर और घर से मंडी तक फसल लाने ले जाने के इंतजाम करने पड़ेंगे तो व्यवस्था नहीं है, परेशानी में हूं। - महेंद्र सिंह, गांव जल्हाका
मुझे पता चला है कि एक अप्रैल से खरीद शुरू होगी। इसके लिए मैं मोहना मंडी में फसल लेकर पहुंचा, लेकिन यहां फसल को मंडी में प्रवेश करने के लिए गेटपास की मांग कर रहे हैं। इसके लिए मेरे पास अभी कोई संदेश नहीं आया है। अब मेरी फसल घर पर ट्रैक्टर में ही पड़ी रहेगी। - किशन सिंह, गांव जल्हाका
जिले की छह मंडियों में दिखी परेशानी, बोले मंडी प्रधान
मोहना जिले की सबसे बड़ी मंडी है, जहां करीब 120 अनाज मंडी तो लगभग 21 सब्जी मंडी के आढ़ती है। इस मंडी की सीमाएं पलवल और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगती है। लेकिन यहां मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट का बहुत बड़ी समस्या है। इस कारण किसान को फार्म-जे को डाउनलोड में परेशानी आ रही है। - हरकेश आढ़ती मोहना
हम सरकार के दिशा-निर्देश पर मंडी को चलाएंगे, हमारी मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से करीब 80 हजार कट्टे पहुंच गए हैं। अन्य दो एजेंसी जब खरीद करेगी तो तभी बारदाना देगी। - सतीश कुमार, प्रधान व्यापार मंडल आढ़ती एसोसिएशन मोहना मंडी
हमारे यहां प्रशासन की तरफ से तैयारी हो चुकी है लेकिन आज न तो कोई जेंसी का अधिकारी पहुंचा है न ही किसी प्रकार का बारदाना। उम्मीद है कि अवकाश के बाद सोमवार को मंडी में खरीद शुरू हो पाएगी। - महेंद्र , प्रधान फतेहपुर अनाज मंडी
अनाज मंडी में तमाम तैयारी पूरी हो चुकी है, हमारे यहां नए सचिव आएं जो निरंतर मंडी के आढ़ती व मुनीम की बैठक कर फार्म जे (जमींदार फार्म) को भरने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। - श्रीपाल शर्मा, प्रधान तिगांव अनाज मंडी
जब किसान के पास संदेश पहुंचेगा, उसी तरह से किसान मंडी में फसल लेकर आएगा। उसके बाद फसल खरीद हो सकेगी। अभी तक हमारे संपर्क में आएं किसानों के पास कोई संदेश नहीं आया है। - संदीप कुमार, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन ओल्ड फरीदाबाद अनाज मंडी
हमारे आढ़ती किसानों के पूरी तरह से संपर्क में है लेकिन हमारी मजबूरी है कि हम अगर किसान के पास संदेश नहीं पहुंचे तो आढ़ती की खरीददारी नहीं कर सकते। - सुनील भारद्वाज, प्रधान बल्लभगढ़ अनाज मंडी
सरकार के दिशा निर्देश पर कार्य किया जाएगा, जिस मंडी में अगर किसान को परेशानी होगी उसकी समस्या को तत्काल निपटा दिया जाएगा। जिसके लिए हाल ही में आढ़तियों के साथ प्रशासन की बैठक भी हो चुकी है। - अपराजिता, आईएएस, एसडीएम बल्लभगढ़