राजधानी में सूर्योपासना का चार दिवसीय पर्व छठ मंगलवार से शुरू हो जाएगा। पूर्वांचल वासी पर्व की तैयारियों में जुट गए हैं। लोग पूजा सामग्री की खरीदारी में जुट गए हैं। दिल्ली सरकार और एमसीडी घाटों पर पुख्ता इंतजाम करने में जुट गई है। छठ पर्व आयोजन समितियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम व व्रती को सुविधा प्रदान करने बंदोबस्त शुरू कर दिए हैं। सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व नहाय खाए के साथ मंगलवार को शुरू होगा। बुधवार को खरना होगा। बृहस्पतिवार को व्रती अस्ताचलगामी और शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देंगे।
राजधानी के छठ आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन घाटों पर सफाई, सुरक्षा और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर पुख्ता इंतजाम करने में लग गए हैं। व्रतियों को सुविधा देने के लिए अस्थायी घाट बनाए जाने शुरू हो गए हैं। इन जगहों पर सफाई, रोशनी, पीने का पानी, और शौचालय की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
छठ पर्व के दौरान सबसे अधिक भीड़ यमुना नदी के घाटों पर होने की संभावना है। यहां पर अस्थायी घाटों के अलावा एक हजार से अधिक स्थानों पर पूर्वांचली सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। घाटों पर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सूचना केंद्र और फर्स्ट एड काउंटर भी स्थापित किए जाएगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकरों के माध्यम से सूचनाओं का प्रसार किया जाएगा और बैरिकेड्स भी लगाए जाएगे।
पूर्वांचल वासी आईटीओ पुल, कल्याणवास, कोंडली नहर, मयूर विहार फेज तीन, वजीराबाद, न्यू अशोक नगर हिंडन कट कैनाल, भलस्वा झील, माडल टाउन, जहांगीरपुरी झील, सूर्य घाट, कुदेसिया घाट, सोनिया विहार, गीता कालोनी, कालिंदी कुंज, मंगोलपुरी, इंडिया गेट, डीडीए पार्क डाबरी गांव, नगर वन पार्क, सागरपुर, छठ मंदिर शिवपुरी, छठ पार्क कैलाशपुरी, छठ मंदिर महावीर इंक्लेव, निजामुद्दीन, राम घाट सिविल लाइन, राजीव कैंप गांधी नगर, गीता कालोनी, प्रीत विहार, किशनकुंज पुस्ता, प्रीत विहार, नरेला, नसीरपुर, पंटुन पुल भैरो मार्ग, यमुना बाजार, दुर्गा घाट, जैतपुर, बदरपुर, वसुंधरा इंक्लेव, चिल्ला गांव जैसे प्रमुख स्थानों पर अस्थाई घाटों पर पूजा करेंगे।
पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
दिल्ली में छठ पर्व को लेकर लोगों में उत्साह तो है ही, प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में लग गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं। दरअसल छठ पर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह पूर्वांचल वासियों की अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोने का पर्व है। राजधानी में इस पर्व का आयोजन पूर्वांचल वासियों को उनके अपने घरों की याद दिलाता है। सूर्य की उपासना के इस पर्व के माध्यम से वे अपने परिवार और समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। उधर छठ पर्व की तैयारियों के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।