साइबर जालसाज ने जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल की एक केस में गिरफ्तारी व सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का नया तरीका ईजाद किया। आरोपी पीड़ित को इस कदर डरा देते हैं कि वह डर के कारण आरोपियों को पैसे दे देते हैं और ठगे जाने के बाद किसी को कुछ नहीं बताते। दक्षिण दिल्ली में इस तरह सॉफ्टवेयर डेवलपर से 10 लाख ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह की काफी शिकायतें आ रही हैं। कुछ महीनों में 300 से ज्यादा लोगों से ठगी की जा चुकी है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी पीड़ित को यह कहकर फोन करते हैं कि वह ट्राई से बोल रहे हैं। वह (पीड़ित) अपने मोबाइल से फोन कर हाईप्रोफाइल लोगोंं को परेशान कर रहा है। उनका नंबर मुंबई में एक्टिव था।
उसके खिलाफ मामला दर्ज है। आरोपी कहता है कि वह कॉल को पुलिस अफसर एसआई संदीप राव को ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके बाद लाइन पर फर्जी पुलिस अफसर आ जाता है। फर्जी अफसर पीड़ित से कहता है कि उसके खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। उसके मोबाइल से हाईप्रोफाइल लोगों को परेशान किया जा रहा है। पीड़ित कहता है कि जिस नंबर से परेशान किया जा रहा है कि वह उसका नहीं है। आरोपी पीड़ित को आधे घंटे डराता है। वह पीड़ित को उसका सही आधार नंबर बताता है।
इस पर पीड़ित कहता है कि उसने अपना आधार कहीं नहीं दिया। पीछे से पीड़ित को वाकी-टॉकी व वायरलेस सेट आदि की आवाज सुनाई देती है। आरोपी पीड़ित को यह आवाज जानबूझकर सुनाते हैं। वह पीड़ित को कहते हैं कि उसके खिलाफ ईडी ने मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। एक केस में दो करोड़ का लेन-देन हुआ है। आरोपी पीड़ित को कहता है कि उसे मुंबई आना पड़ेगा। वह पीड़ित को बहुत ज्यादा डरा देता है।
...तो गोपनीय सूचनाएं लीक करने का दर्ज हो जाएगा केस
आरोपी पीड़ित को यह कहकर डरा देता है कि उसने जो ठगी की है उसके पीड़ित एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली है। इसके मोबाइल नंबर के 200 डेबिट कार्ड मिले हैं। उसे ईडी ऑफिस आना होगा। ऐसे में पीड़ित डर जाता है और मामले को रफा-दफा करने के नाम पर मोटी रकम दे देता है। आरोपी पीड़ित को कहता है कि हाईप्रोफाइल मामला दर्ज है। अगर उसने केस व पैसे के बारे में किसी को कुछ बताया तो उसके खिलाफ गोपनीय सूचनाएं लीक करने का मामला दर्ज हो जाएगा।