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दिल्ली चावड़ी बाजार हादसा: अनधिकृत निर्माण के दौरान ढही इमारत, एमसीडी के दो अधिकारी निलंबित, जांच के निर्देश

Thu, 05 Nov 2026 10:09 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
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हादसे में दो लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुरानी दिल्ली यानि दिल्ली-6 के चावड़ी बाजार में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढह गई। इमारत के ढहने से दो लोगों रेलवे कॉलोनी, मंडावली निवासी किशोरी (40) और संजीत (45) की मौत हो गई, जबकि पांच जख्मी हैं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्माणाधीन इमारत ढहने की घटना की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने निर्माणाधीन इमारत ढहने के मामले में बृहस्पतिवार को दो अधिकारियों संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) को निलंबित कर दिया है।

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मुख्यमंत्री गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, सुबह करीब 9:50 बजे गली शाहतारा में शीश महल में इमारत ढहने की सूचना मिली। यह जगह चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित है।

अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि डीएफएस की टीम ने मलबे से दो लोगों को मृत अवस्था में बाहर निकाला है। डीएफएस की टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने चार अन्य लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में कई दमकल इकाइयां बचाव अभियान चला रही हैं और पूरी तरह इस अभियान के चलने की संभावना है। 
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इमारत ढहने की वजह-
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस भूखंड पर तीन मंजिला इमारत ढही, उसका क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर था। इस इमारत के लिए कोई भवन निर्माण योजना स्वीकृत नहीं कराई गई थी और निर्माण को लेकर नगर निगम को कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अधिकारी ने बताया कि इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले इसे रोक दिया गया था। हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगे सहारे हटाने का काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से जम भी नहीं पाई थी। माना जा रहा है कि यह भी इमारत ढहने की एक वजह हो सकती है।

आसपास के लोगों को बाहर निकाला गया-
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि हौज काजी इलाके में स्थित यह इमारत तीसरी मंजिल तक बनी हुई थी और छत का लिंटर डालने के दौरान ढह गई। उन्होंने बताया कि आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, क्योंकि इससे सटी एक इमारत की स्थिति भी खतरनाक थी। सिंह ने कहा कि पुलिस ने ठेकेदार की पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण अनधिकृत था। डीसीपी ने कहा,निर्माण कार्य के दौरान वहां करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे।

मामला दर्ज किया गया-
डीसीपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह लगभग 09:48 बजे, चावड़ी बाजार की गली शीश महल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढह गई। दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और एमसीडी द्वारा संयुक्त बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इनमें से दो लोगों मंडावली निवासी सहदेव चौधरी (25) पुत्र दारा चौधरी और रेलवे कॉलोनी, मंडावली निवासी फिरोज (37) पुत्र तौहीद अस्पताल में भर्ती है और उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि कई लोगों मामूली रूप से घायल हुए थे। प्राथमिकी उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि  इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर लया गया है। 

21 लोगों की मौत हो चुकी है-
दिल्ली में इस साल इमारत गिरने का यह छठा बड़ा मामला है। इससे पहले 5 हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सत्य निकेतन और सीमापुरी हादसे शामिल हैं। जान गंवाने वालों में कई छात्र भी थे। 

30 मई- सैदुलाजाब इलाके में वेस्टर्न मार्ग पर चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई। इसमें कोचिंग सेंटर, कैफे और ऑफिस चल रहे थे। मलबा पास की कैंटीन पर भी गिरा, जहां छात्र मौजूद थे। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए।

8 जुलाई- रोहिणी सेक्टर-16 में बारिश के दौरान दो निर्माणाधीन इमारतें ढह गईं। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दब गए। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत अभियान चलाया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हुई।

21 अगस्त- करोल बाग के रेगरपुरा इलाके में प्यारे लाल रोड पर एक इमारत का हिस्सा गिर गया। यहां इमारत को तोड़ने का काम चल रहा था। हादसे में वहां काम कर रहे एक मजदूर की मौत हुई और दो लोग घायल हो गए।

 6 सितंबर: सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढह गई। इस इमारत में लड़कों का पीजी चल रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था। बचाव दल ने मलबे से लोगों को बाहर निकाला। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई और 5 घायल हुए।

7 अक्टूबर: सीमापुरी इलाके में चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढह गया। हादसे में आसपास के लोग भी मलबे की चपेट में आए। बचाव दल ने 11 लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हुई और 8 लोग घायल हुए।

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