दिल्ली में चुनाव की सुगबुगाहट के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय बुधवार से मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। 15 अक्तूबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल जारी करने के बाद आवेदन लेने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्लीवासी 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए या पता बदलवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों, आपत्तियों की जांच प्रक्रिया 20 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर अपने इलाके में जाकर आवेदनों की जांच करेगा।
वहीं 17 और 30 अक्तूबर को बूथ लेवल ऑफिसर और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट मिलकर आरडब्ल्यूए के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा दो दिन का 19 और 20 नवंबर को आयोग की ओर से स्पेशल कैंप लगाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद नए नाम जोड़ने के साथ पते से गायब वोटर, पता बदलने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाएं जाएंगे। फिलहाल दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1.19 करोड़ है।
रंगीन मतदाता पहचान पत्र देने की तैयारी
चुनाव आयोग बीते कुछ समय से रंगीन मतदाता पहचान पत्र जारी करने की योजना पर काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार मतदाता सूची रिविजन के दौरान बनने वाले नए मतदाताओं को रंगीन पहचान पत्र दिया जा सकता है।
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि इस समरी रिविजन में रंगीन पहचान पत्र बांटे जा सकते हैं।दिल्ली में चुनाव की सुगबुगाहट के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय बुधवार से मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। 15 अक्तूबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल जारी करने के बाद आवेदन लेने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्लीवासी 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए या पता बदलवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों, आपत्तियों की जांच प्रक्रिया 20 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर अपने इलाके में जाकर आवेदनों की जांच करेगा। वहीं 17 और 30 अक्तूबर को बूथ लेवल ऑफिसर और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट मिलकर आरडब्ल्यूए के साथ बैठक करेंगे।
इसके अलावा दो दिन का 19 और 20 नवंबर को आयोग की ओर से स्पेशल कैंप लगाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद नए नाम जोड़ने के साथ पते से गायब वोटर, पता बदलने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाएं जाएंगे। फिलहाल दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1.19 करोड़ है।