दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और भीड़ कम करने के लिए आठ मंत्रों पर काम शुरू होगा। केंद्रीय शहरी विकास सचिव शंकर अग्रवाल की अध्यक्षता वाली 17 सदस्यीय समिति ने लोक निर्माण विभाग, डीडीए, डीटीसी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, डीएमआरसी और एमसीडी को जिम्मेदारी सौंपी है।
सूत्रों केअनुसार शुक्रवार को शहरी विकास सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें दिल्ली सरकार और सड़क परिवहन से जुड़े विभागों के अधिकारी शामिल हुए। उसमें यह बात सामने आई कि बहुनिकाय व्यवस्था में डीटीसी बस समेत अन्य वाहनों के लिए पार्किंग की कमी, अलग-अलग तरह के वाहनों में खराब इंटीग्रेशन, रेलवे स्टेशन पर भीड़भाड़ की दिक्कत हैं।
बैठक में यह बात भी कही गई कि आवागमन पर प्रतिबंध लगाने से गलत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए यह तय किया गया है कि कौन सा विभाग क्या काम करेगा। आठ मंत्रों पर काम शुरू करने और प्रस्ताव भेजने केलिए अलग-अलग विभागों को कहा गया है।
दिल्ली में इन आठ मंत्रों पर होगा काम
पीडब्ल्यूडी जल्द पूरा करे प्रोजेक्ट, 50 किमी नई एलिवेटेड सड़क व अंडरपास की योजना तैयार करे
डीडीए सभी विभागों के लिए एकीकृत ट्रांसपोर्ट प्लान भीड़ कम करने के लिए तैयार करे।
डीटीसी बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए 4-5 कॉरिडोर की पहचान करे।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस को पूरा करने का एक्शन प्लान दे।
रेलवे स्टेशन के आसपास आसान ट्रैफिक और रिंग रेलवे के अधिक इस्तेमाल की रूपरेखा बताए।
डीएमआरसी सभी मेट्रो स्टेशन को मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन केहिसाब से रि-डिजाइन करने का प्रस्ताव जमा करे।
दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रोलाइन पर अध्ययन करके अधिक यात्रियों को लाभ पहुंचाने वाले विस्तार का प्रस्ताव बनाए।
सभी स्थानीय निकाय पार्किंग चार्ज में समानता का प्रस्ताव जमा करे।