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दिल्ली : मुंडका शराब ठेके के पास कार सवार ने दो मासूमों समेत 3 को रौंदा, मौत

Thu, 07 May 2020 08:54 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो
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मुंडका इलाके टिकरी कलां में शराब ठेके के पास बुधवार दोपहर सिलेरियो कार सवार युवकों ने सड़क पार कर रहे दो बच्चों और एक युवक को रौंद दिया। हादसे में तीनों की मौत हो गई।  हादसे के बाद भी चालक ने कार नहीं रोकी। तीनों को 50 मीटर तक घसीटते ले गई कार। इसके बाद कार खुद रुक गई लेकिन तब तक एक बच्चे का शरीर दो टुकड़ों में बंट चुका था। हादसे के बाद चालक व एक अन्य युवक मौके पर कार छोड़कर फरार हो गए।

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कार में बैठे तीसरे युवक को भीड़ ने पकड़कर पीटा।  सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हादसे का शिकार तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने कार कब्जे में लेकर चालक गीतांजलि एंक्लेव निवासी उदयराज (40) को गिरफ्तार कर लिया है। कार से शराब की बोतलें बरामद हुई हैं।  पुलिस के मुताबिक मृतकों की शिनाख्त अभिषेक (10), नासिर (10) और महेश (22) के रूप में हुई। मुुंडका थाना पुलिस विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।

 पुलिस के मुताबिक अभिषेक अपने परिवार के साथ लेखराम पार्क, टिकरी कलां में रहता था। परिवार में पिता विनोद, मां सुनीता व अन्य भाई बहन हैं। अभिषेक के माता-पिता फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन की वजह से परिवार अभी घर पर ही है।  वहीं, नासिर भी परिवार के साथ लेखराम पार्क, टिकरी कलां में रहता है। इसके परिवार में पिता नफीस, मां नसीम व दो भाई-बहन हैं।
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वहीं महेश जेजे कालोनी, नांगलोई में रहता है। लेखराज पार्क, मुर्गा मार्केट में उसकी मीट की दुकान है। बुधवार को वह अपनी दुकान पर ही मौजूद था।  हादसा बुधवार दोपहर करीब 3.30 बजे मुर्गा मार्केट, लेखराज पार्क में हुआ। दोनों बच्चे एक साथ महेश की दुकान के सामने सड़क पार कर रहे थे। इस बीच शराब के ठेके की ओर से एक कार बड़ी तेज रफ्तार से आ रही थी। महेश ने देखा तो वह बच्चों को बचाने भागा।  लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

कार सवार ने दोनों बच्चों और महेश को टक्कर मार दी। चालक कार से तीनों को करीब पचास मीटर दूर घसीटता हुए ले गया। स्थानीय लोगों की मानें तो चालक व बाकी लोग बुरी तरह शराब के नशे में धुत थे। वारदात के बाद चालक व एक युवक मौके से फरार हो गए।  तीसरे युवक को भीड़ ने पकड़ लिया। बाद में पिटाई लगाने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। अभिषेक और नासिर की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शव को संजय गांधी अस्पताल भेज दिया गया।
महेश को बालाजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।  

100 किलोमीटर प्रतिघंटे से ज्यादा थी कार की रफ्तार
हादसे के दौरान कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रतिघंटे से भी अधिक थी। महेश ने बच्चों को आते हुए देखा तो वह उन्हें बचाने भागा।  बच्चों तक तो महेश पहुंच गया, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं पाया। कार की रफ्तार अधिक होने की वजह से तीनों ही कार की चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों में घटना को लेकर काफी रोष था। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया।

 पुलिस ने किया दफनाने का इंतजाम
लॉकडाउन के दौरान नासिर के माता-पिता दोनों घर पर बैठे थे। उनके पास खाने को भी रुपये नहीं थे। बृहस्पतिवार को संजय गांधी अस्पताल में जब नासिर का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा गया तो नासिर के पिता नफीस ने रुपये न होने की बात पुलिस को बताई।  परिवार के पास कब्र के पैसे, शव ले जाने के पैसे तो दूर खाने के लिए भी रुपये नहीं थे। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ईआरवी जिप्सी से नासिर का शव उत्तम नगर के कब्रिस्तान भिजवाया। इसके अलावा बाकी लोगों के जाने की भी व्यवस्था की।

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