देश की राजधानी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास रविवार शाम दिल-दहला देने वाले हादसे में मां और दो बेटियों के कार में जिंदा जलने के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका रंजना के भाई बृज किशोर का आरोप है कि उसकी बहन से संबंध ठीक न होने की वजह से जीजा उपेंद्र ने ही जानबूझकर कार में आग लगाई।
बृज किशोर का आरोप है कि कार में आग लगाकर उपेंद्र सुरक्षित कार से बाहर आ गया। आरोप है कि उपेंद्र शादी के बाद से कभी भी रंजना को घुमाने नहीं ले गया था। जिस दिन यह हादसा हुआ, तब पहले बार ही उसे अक्षरधाम मंदिर ले जा रहा था। उपेंद्र मारपीट भी करता था।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि शॉर्ट से कार में आग लगी। पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने रंजना के भाई के आरोपों से इंकार किया है। उनका कहना है कि एफएसएल टीम ने सोमवार को कार की जांच कर ली है, रिपोर्ट आने के बाद कार में आग लगने के कारण साफ हो जाएंगे।
पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रंजना और बेटियों रिद्धि व निक्की का शव परिवार के हवाले कर दिया है। पुलिस हत्या के कोण से भी जांच कर रही है।