दिल्ली में धमाके के बाद लोकनायक अस्पताल में निगाहें अपनों को ढूढ़ती रहीं। कोई भाई को तलाशने तो कोई बेटे को खोजता पहुंचा। अस्पताल में मदद के लिए कोई इंतजाम नहीं थे।
लाल किले के पास बम हादसे में अपनों को ढूढ़ते हुए लोग लोकनायक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चीख-पुकार मची थी। कोई रोता हुआ अपने बेटे को खोज रहा था, तो कोई अपने भाई की तलाश में था।
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बम हादसे में घायल में किसी के सिर पर चोट तो किसी को क्षत-विक्षत हालत में उपचार के लिए लाया जा रहा था। कुछ लोग घटनास्थल से खुद ई रिक्शा पर सवार होकर उपचार के लिए पहुंचे।
वहीं अस्पताल में सुरक्षाकर्मी अपनों को खोजने के लिए आने वाले लोगों को इधर से उधर भटकाते हुए दिखे। आरोप है कि सुरक्षकर्मियों ने बदतमीजी भी की, जिसके बाद लोगों में नाराजगी दिखी।
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चेन्नै से मिलने आया दिल्ली में हुआ बम हादसे का शिकार
मोहम्मद गुफरान अपने परिवार के साथ चेन्नै से अपने रिश्तेदार के यहां सीताराम बाजार इलाके में आए थे। उनका 27 वर्षीय बेटा सफान हादसे का शिकार हुआ है। वह कश्मीरी गेट ऑटो मोबाइल मार्केट में खरीदारी के लिए गए थे। वहां से वापस लौटने के दौरान वह हादसे का शिकार हो गया।
घायल होने की खुद दी सूचना : एक अन्य घायल पीड़ित दाऊद के बहनोई जीशान अंसारी ने बताया कि घटना के बाद उसने खुद मुझे फोन किया था। हम तुरंत यहां पहुंचे, लेकिन उसे भर्ती किया गया है।
सवारी के इंतजार में था समीर
विस्फोट में घायल ऑटो-रिक्शा चालक समीर खान के चचेरे भाई मोहम्मद दानिश ने कहा कि उन्हें एक अजनबी के फोन से यह खबर मिली। दानिश ने कहा समीर के करीबी ने फोन करने में मदद की।
शाहदरा का अंकुश दोस्त के साथ मंदिर गया था
शाहदरा के रोहतास नगर निवासी सुधीर शर्मा ने बताया कि उनका बेटा अंकुश शर्मा विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया है और आईसीयू में है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा अपने दोस्त राहुल कौशिक के साथ गौरी शंकर मंदिर दर्शन करने आया था। राहुल के सिर में चोटें आईं।
सुरक्षाकर्मी बदतमीजी करते दिखे
अस्पताल में अपनों को खोजने वालों को ढूढ़ने वालों के साथ अस्पताल के कर्मी बदतमीजी करते दिखे। उन्हें एक गेट से दूसरे गेट पर भटकाया जा रहा था। साथ ही दिल्ली पुलिस मीडियाकर्मियों को अस्पताल से भगाती दिखी।
खुद ऑटो चलाकर पहुंचा अस्पताल
अवधेश मंडल सुश्रुत ट्रामा सेंटर में उपचार के लिए खुद ऑटो चलाकर पहुंचे। वह बिहार के रहने वाले हैं। दिल्ली में नेहरू नगर में रहते हैं। पेट में मेंटल जैसा कुछ घुस गया था। ओटी में गंभीर हालत में उपचार के लिए ले जाया गया।
अस्पताल के बाहर बेचैन परिजनों का क्रंदन
दिल्ली कार धमाके में आठ की मौत और 24 अन्य के घायल होने के चंद घंटों बाद पीड़ित परिवारों का लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के बाहर करुण क्रंदन लोगों के दिलों को छलनी कर रहा था। कई परिवार यहां अपने प्रियजनों के बारे में आधिकारिक जानकारी मिलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पीड़ितों का हालचाल जानने के लिए अंदर नहीं जाने दिया जा रहा।
शाहदरा के रोहतास नगर निवासी सुधीर शर्मा ने बताया, मेरा बेटा अंकुश विस्फोट में गंभीर रूप से घायल है और आईसीयू में जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहा है। वह अपने दोस्त राहुल कौशिक के साथ गौरी शंकर मंदिर गया था। धमाके में दोनों घायल हुए, राहुल को सिर पर टांके लगने के बाद घर भेज दिया गया, जबकि अंकुश की हालत नाजुक है।
विस्फोट में घायल हुए दाऊद के बहनोई जीशान अंसारी ने कहा, उसने घटना के बाद मुझे फोन किया था। हम तुरंत यहां पहुंचे, लेकिन अभी तक हमें उससे मिलने नहीं दिया गया। विस्फोट में घायल हुए ऑटो-रिक्शा चालक समीर खान के चचेरे भाई मोहम्मद दानिश ने बताया, एक अजनबी ने हमें फोन करके घटना की जानकारी दी। समीर आईसीयू में है। हमें अभी भी नहीं पता कि उसकी हालत कितनी गंभीर है। समीर के एक अन्य रिश्तेदार ताहिर मोहम्मद ने कहा, अस्पताल का स्टाफ हमें उससे मिलने नहीं दे रहा है।