एक सर्वे ने खुलासा किया है कि दिल्ली का कनॉट प्लेस दुनिया के सात सबसे महंगे ऑफिस मार्केट में से एक है। अगर आपको इस इलाके में दुकान खोलनी है तो प्रति वर्ग मीटर के लिए 149.71 डॉलर की कीमत चुकानी होगी।
सीबीआरआई मैगजीन ने हाली ही में ग्लोबल प्राइम ऑफिस आक्युपेसी नाम से दुनिया के सबसे महंगे मार्केट प्लेस की लिस्ट जारी की है जिसमें दिल्ली के कनॉट प्लेस की जगह सातवें नंबर पर है।
चौंकाने वाली बात ये है कि देश की आर्थिक राजधानी के नाम से मशहूर मुंबई का बांद्रा कुर्ला कॉप्लेक्स (बीकेसी) का स्थान 19वां है, जबकि सेंट्रल मुंबई के नरीमन प्वाइंट का स्थान 43वां है।
दुनिया भर के ऑफिस कॉम्प्लेक्स की कीमतों का सर्वे जारी करते हुए मैगजीन ने बताया है कि एशिया में ऐसे वाणिज्यिक जगहों की कीमत में सबसे ज्यादा उछाल आया है। एशिया में ऐसे कमर्शियल मार्केट प्लेस की कीमतों में हर साल 2.7 फिसदी की वृद्घि हो रही है।
हांगकांग है दुनिया का सबसे महंगा मार्केट प्लेस
इस रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जहां एशिया में व्यापार करने के लिए मिलने वाली जगहों की कीमतों में तेजी से वृद्घि हो रही है वहीं, सिंगापुर और जकार्ता जैसे शहरों में ऐसे मार्केट प्लेस की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है।
सीबीआरई साउथ एशिया मैगजीन के मैनेजिंग डायरेक्टर अंशुमान बताते हैं कि पिछले एक साल में भारत में कमर्शियल रियल स्टेट के धंधे में सकारात्मक बदलाव आया है इसी का कारण है कि कनॉट प्लेस दुनिया से सातवें सबसे महंगे कमर्शियल प्लेस में शुमार हो गया है।
इस सर्वे के मुताबिक हांगकांग (सेंट्रल) दुनिया के सबसे महंगे ग्लोबल मार्केट प्लेस में शामिल है जहां प्रति वर्ग मीटर जमीन की कीमत 290 डालर है। जबकि इसकी तुलना में दिल्ली में इतनी जमीन की कीमत अभी भी 150 डालर के आस पास ही है।
ये हैं दुनिया के सात सबसे महंग मार्केट प्लेस
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दुनिया के पांच सबसे महंगे मार्केट प्लेस में जहां हांगकांग (सेंट्रल) सबसे ऊपर हैं वहीं, बीजिंग के दो बाजार (फाइनेंस स्ट्रीट और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) के अलावा हांगकांग (वेस्ट कोलून) भी शामिल है।
इस सूची में जापान के टोकियो का बाजार और शंघाई का पुनडांग भी शामिल है जबकि सातवें स्थान पर दिल्ली का कनॉट प्लेस है।