सीलिंग की मार झेल रहे व्यापारियों को किसी तरह का लाभ नहीं दिया गया है। दिल्ली के व्यापारियों में आम बजट से निराशा हाथ लगी है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के कन्वीनर बृजेश गोयल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारियों को इनकम टैक्स छूट सीमा पांच लाख होने की उम्मीद थी।
लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत सरकार ने नहीं दिया है। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा का कहना है कि पांच करोड़ छोटे व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है।
सरकार ने यह कहा था कि जीएसटी आने के बाद किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन सेस लगाकर धोखा किया है। उम्मीद थी कि व्यापारियों को कम रेट पर ऋण मिलेगा, लेकिन ना तो ऋण मिला और ना ही टैक्स स्लैब में छूट।