कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मरीजों को केंद्रों तक पहुंचाने में इस्तेमाल की गई बसें अब लॉकडाउन खत्म होने पर सैनिटाइजेशन के बाद ही सड़कों पर उतरी जाएंगी। निजामुद्दीन से मरकज में शामिल हुए संदिग्ध मरीजों को नरेला और तुगलकाबाद सहित अन्य केंद्रों तक पहुंचाने के बाद बस ड्राइवरों को भी अगले आदेश तक घरों में अलग कमरे में रहने की हिदायत दे दी गई है।
संक्रमण के संदिग्ध मरीजों को नरेला और तुगलकाबाद सहित अन्य केंद्रों तक पहुंचाने के लिए गए बस ड्राइवरों ने एहतियात के मद्देनजर सभी तैयारियां कर ली थीं, लेकिन इस दौरान बसों में सवार मरकज में शामिल हुए लोग आपस में बातचीत करते रहे और जब मौका मिलता तो गंदगी फैलाने से भी नहीं चूक रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, कई डिपो से 60 से अधिक बसें ले जाई गई थीं, जिन्हें ड्यूटी के बाद डिपो में रखते हुए उनमें क्रॉस का संकेत भी लगा दिया गया है। अब लॉकडाउन खत्म होने पर सैनिटाइजेशन के बाद ही बसें सड़कों पर उतरी जाएंगी।
कर्मियों का रोज पूछ रहे हैं हालचाल
डीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि विशेष ड्यूटी खासकर निजामुद्दीन से संदिग्ध मरीजों को ले जाने वाले ड्राइवरों को अगले आदेश तक अवकाश पर भेज दिया गया है। रोज उनकी खैरियत पूछने के साथ-साथ उन्हें यह भी भरोसा दिया गया है कि किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल इसकी जानकारी दें।