फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहशत, डर और मंजर: दो घंटे बाद गिरी होती वेलकम में इमारत तो और जानें जाती, हादसे के बाद पड़ोसियों की आपबीती

Sat, 12 Jul 2025 09:38 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, पूर्वी दिल्ली

सार

Building Collapsed In Delhi: वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। अगर ये हादसा दो घंटे बाद होता तो और लोगों की जान चली जाती। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई और हादसा उस गली में हुआ जो चार फीट की थी।
विज्ञापन
दिल्ली में चार मंजिला इमारत गिरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वेलकम इलाके के जनता कालोनी की जो इमारत जमींदोज हुई, उसी इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने हॉल में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जाता था। रोजाना सुबह 9 बजे नन्हे-नन्हे बच्चे वहां पढ़ने के लिए पहुंच जाते थे। इमारत सुबह 7 बजे न गिरकर दो घंटे बाद 9 बजे के बाद गिरी होती तो न जाने कितनी जाने इस हादसे का शिकार होतीं।

विज्ञापन

वेलकम में गिरी इमारत - फोटो : PTI
स्थानीय लोगों को जहां अब्दुल मतलूब के परिवार का हादसे के शिकार होने का गम था तो वह इस बात का शुक्र भी अदा कर रहे थे कि आंगनबाड़ी के समय इमारत नहीं गिरी। उनका कहना था कि रोजाना यहां 20 से 25 बच्चे पढ़ने के लिए जाते थे। इमारत गिरने के बाद से जहां स्थानीय लोग दुखी दिखे वहीं मासूम भी दहशत में थे।

Delhi Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी जीशान ने बताया कि जावेद और परवेज उनके दोस्त हैं। उनके पिता अब्दुल मतलूब ने अपने ग्राउंड फ्लोर के हॉल को किराए पर आंगनबाड़ी को दिया हुआ था। यहां बच्चों को पढ़ाने के अलावा उनको मुफ्त में खाना-पीना भी दिया जाता था। इस वजह से मोहल्ले के कई छोटे-छोटे बच्चे वहां आते थे।
विज्ञापन

दिल्ली में चार मंजिला इमारत गिरी - फोटो : जी पाल
दो से तीन मैडम बच्चों को पढ़ाने आती थीं। आमूमन बच्चे पौने 9 बजे से आने लगते थे। अच्छा हुआ कि हादसा पहले ही हो गया। यदि बच्चों के समय इमारत गिरती तो न जाने कितने चिराग बुझ जाते। गमगीन आवाज में जीशान ने बताया कि खुदा ने मतलूब चाचा की मौत ऐसे ही लिखी थी। अब यह दुआ है कि बाकी परिजन जल्द ठीक हो जाएं।

ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: दिल्ली में बड़ा हादसा, चार मंजिला इमारत ढही; छह लोगों की मौत, अभी भी कई मलबे में दबे

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें