दिल्ली पुस्तक मेले का दूसरा दिन हाउसफुल रहा। वीकेंड पर रविवार को प्रवेश द्वार खुलते ही दर्शक प्रगति मैदान पहुंचने लगे थे। दोपहर बाद सभी हॉल में भीड़ दिखी। इसमें कॉलेज जाने वाले छात्र भी थे और मम्मी-पापा के साथ चहलकदमी करते बच्चे भी।
लोगों की दिलचस्पी से आयोजक के साथ प्रकाशक भी खुश नजर आए। आयोजकों के मुताबिक, देर शाम तक दर्शकों की संख्या 50,000 के करीब पहुंच गई। कारोबार के लिहाज से भी रविवार बेहतर रहा।
मेले में सबसे ज्यादा भीड़ बच्चों के साथ-साथ चल रहे अभिभावकों की दिखी। स्टॉल पर वह बच्चों से जुड़ी किताबें पलटते दिखे। इनकी ज्यादा रुचि पढ़ाई के नए तरीके, ऑनलाइन सुविधाओं और माइंड गेम्स की बारीकियां जानने में थी।
इसके साथ ही अभिभावक बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास से संबंधित पुस्तकें, कलर पेंसिल, कलर बुक के साथ कॉमिक्स और कहानी की किताबों में भी व्यस्त नजर आए।
दूसरी तरफ रंगनाथ रिसर्च सेंटरी की तरफ से लाइब्रेरी साइंस पर वर्कशॉप आयोजित की गई। वहीं, एसआर पब्लिशर्स ने बच्चों की खास जरूरतों पर सेमिनार आयोजित किया। इसमें विशेषज्ञों ने अपनी राय व्यक्त की। इसके अलावा अलग-अलग स्टाल पर करीब एक दर्जन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ।
खरीदारी के साथ पिकनिक भी
पुस्तकों की खरीददारी के साथ ही दर्शक प्रगति मैदान में पिकनिक मनाते भी दिखे। हॉल के बाहर निकलने पर जहां लोगों ने बच्चों के साथ समय बिताया, वहीं अंदर कैफेटेरिया के पास आइसक्रीम और चाय-कॉफी के साथ समय गुजारा। घूमते-घूमते थकान लगी तो लोगों ने रेड कॉर्पेट पर बैठकर आराम फरमाया।
मेले में आज
हॉल नंबर 8 में अमेरिकन-इंडो एजूकेशन ग्रुप की तरफ से संवादमूलक बहस, दोपहर एक बजे।
हॉल नंबर-8 में लिफि पब्लिकेशन की तरफ से पुस्तक विमोचन, शाम 6:30 से 8 बजे के बीच।
हॉल नंबर-8 में भारतीय जनानपिथ की तरफ से कविता पाठ, शाम 6 बजे।