दिल्ली में अज्ञात लक्षण वाली बीमारी से साल भर में 16 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई। इलाज के दौरान जो जांच लेबोरेटरी में की गई उसमें यह पता नहीं लगा कि आखिर मरीज को बीमारी क्या है।
इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी अचानक पेट में हुए दर्द की है जिससे 9776 मौतें हुई हैं। वहीं, ऐसे बुखार से 123 लोगों की जान चली गई जिसके बारे में डॉक्टरों को मालूम नहीं था। अचानक बिना वजह शॉक और बेहोशी से करीब 3500 मौतें हुईं।
दिल्ली सरकार की जन्म और मृत्यु पंजीकरण पर जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि सालाना अस्पताल में होने वाली 68135 मौतों में सबसे बड़ी भागीदारी अज्ञात लक्षण वाली बीमारी से 16787 मौत हुई हैं।
दूसरा नंबर संचार प्रणाली और सांस से जुड़ी बीमारियों का है जिससे 14272 मौतें हुई हैं। संचार प्रणाली से जुड़ी बीमारी में सबसे अधिक मौत हृदय रोग से हुई है। राजधानी में प्रदूषण के कारण सांस की दिक्कतें अधिक हुई हैं। इस पर विशेषज्ञ पहले ही सरकार चेता चुके हैं।
राजधानी में 2013 में हुईं मौतों में महिलाओं की संख्या 36738 है। इस साल 8278 बच्चे एक साल की उम्र भी पूरी नहीं कर सके। इनमें ज्यादातर मौतें गर्भावस्था के दौरान हुईं।