वित्त मंत्रालय में उपसचिव नवजोत सिंह की बाइक में टक्कर मारने की आरोपी बीएमडब्ल्यू कार चालक गगनप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने महिला को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हादसे में नवजोत की जान चली गई जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हैं।
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने सोमवार को बताया कि संदीप कौर के बयान के आधार पर पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गगनप्रीत को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। अदालत ने गगनप्रीत की जमानत याचिका पर पुलिस व पीिड़त पक्ष को नोटिस जारी किया है।
नजदीकी अस्पताल न ले जाने पर सवाल
प्राथमिकी में कहा गया है कि गगनप्रीत, पीड़ित नवजोत सिंह और संदीप कौर को किसी नजदीकी अस्पताल के बजाय दुर्घटनास्थल से 19 किमी दूर एक स्वास्थ्य सेवा केंद्र ले गईं। इससे नवजोत को समय पर इलाज नहीं मिला।
बीएमडब्लू कार हादसे में घायल भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में कार्यरत उप सचिव नवजोत सिंह को पास के अस्पताल ले जाने की उनकी पत्नी की गुहार नहीं सुनी गई। कार सवार अपनी ही धुन में लहूलुहान हालत में नवजोत को करीब 20 किमी दूर मुखर्जी नगर स्थित न्यूलाईफ अस्पताल ले गए। अगर उन्हें प्राथमिक उपचार समय से मिल जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। यह आरोप नवजोत सिंह की पत्नी संदीप कौर ने कार चला रही महिला गगनप्रीत कौर पर लगाए।
संदीप कौर ने बताया कि वह अपने पति नवजोत सिंह और बेटा 21 साल के नवनूर के साथ प्रताप नगर जेल रोड में रहते थे। वह द्वारका के वेंक्टेश्वर स्कूल में शिक्षिका हैं। पति नवजोत सिंह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। 14 सितंबर की दोपहर करीब सवा एक बजे वह पति के साथ बंगला साहिब गुरुद्वारा गईं थीं।
दर्शन के उपरांत कर्नाटक भवन में खाना खाने के बाद वह घर लौट रहे थे। दोनों बाइक पर थे पति ने पगड़ी बांधी हुई थी और मैंने हेलमेट पहना हुआ था। संदीप कौर ने बताया कि जैसे ही हमारी बाइक दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास पिलर नंबर 67 के करीब पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार नीले रंग की बीएमडब्ल्यू कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हम दोनों सड़क पर जा गिरे। नवजोत सिंह को सिर, चेहरे और पैरों पर गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके हाथ-पैर टूट गए।
सिर पर भी चोट आई। संदीप कौर ने बताया कि हादसे के बाद भी नवजोत सिंह सांस ले रहे थे। कार चला रही महिला जिसने अपना नाम गगनप्रीत कौर बताया। हम दोनों को एक चालक की मदद से एक वैन में डालकर ले जाने लगे। बकौल संदीप कौर वह गगनप्रीत से लगातार गुहार लगा रही थी कि उन्हें पास के किसी अस्पताल लेकर चले लेकिन महिला ने उनकी नहीं सुनी। मुखर्जी नगर स्थित न्यूलाईफ अस्पताल में उसके परिचित मौजूद थे। उन्हें काफी देर तक स्ट्रेचर पर लिटा कर रखा गया।