धमाके के कुछ ही मिनटों में आसपास के इलाकों की बिजली कुछ देर के लिए गुल हो गई। दुकानों के शटर गिरने लगे, और शाम की खरीददारी के बीच लोगों ने अफरा-तफरी में बाजार छोड़ना शुरू कर दिया। कनॉट प्लेस, चांदनी चौक और दरियागंज के कई बाजारों को एहतियातन बंद करवा दिया गया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लाल किले से लेकर राजघाट और दरियागंज तक यातायात रोक दिया।
आईटीओ तक महसूस हुआ झटका
दिल्ली पुलिस की सलाह पर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक और चार को अस्थायी रूप से बंद किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके की आवाज इतनी तीव्र थी कि सिविल लाइंस और आईटीओ तक लोगों ने झटका महसूस किया। चांदनी चौक के कारोबारी रमेश गुप्ता ने बताया कि हम दुकान बंद करने ही वाले थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। पूरा शटर हिल गया। पहले लगा जैसे पास में ट्रांसफार्मर फटा हो, लेकिन कुछ सेकंड में लोगों की चीखें सुनाई देने लगीं।
कई जगह टूटे शीशे, मेट्रो सेवाएं रोकी गईं...
विस्फोट की तीव्रता से आसपास की कई दुकानों और घरों के शीशे चटक गए। लाल मंदिर और मेट्रो स्टेशन पर लगे कांच के दरवाजे टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति का आकलन करने के लिए लाल किला, दिल्ली गेट, आईटीओ और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर सेवाएं कुछ देर रोक दीं। शाम सात बजे से करीब बीस मिनट तक येलो और वायलेट लाइन पर ट्रेनें धीमी गति से चलीं।
लोगों में दहशत, मोबाइल नेटवर्क ठप...
धमाके के बाद इलाके में मोबाइल नेटवर्क पर अचानक लोड बढ़ गया। लोग अपने घरवालों को फोन करने लगे, जिससे कुछ समय तक कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रहे थे। पुलिस को एक घंटे में 200 से अधिक कॉल्स मिलीं, जिनमें ज्यादातर लोग अपने क्षेत्र में आवाज सुनाई देने और झटके महसूस होने की सूचना दे रहे थे।
रात तक मची रही सनसनी...
रात दस बजे तक कई इलाकों में लोगों के बीच चर्चा का विषय सिर्फ एक ही रहा कि इतनी तेज आवाज कहां से आई?” सोशल मीडिया पर भी दिल्लीवासियों ने अपनी लोकेशन से धमाके की गूंज की पुष्टि करते हुए वीडियो साझा किए। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।