अभी तक भाजपा आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष को हटाने के दौरान नए अध्यक्ष की नियुक्ति करता रहा है। इसके अलावा अध्यक्ष पद से त्याग पत्र देने पर संबंधित नेता को अगली नियुक्ति तक कार्य करने का आदेश दिया जाता था, लेकिन आदेश गुप्ता के मामले में भाजपा आलाकमान ने ऐसा नहीं किया। सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमान एमसीडी चुनाव में हार के बाद से आदेश गुप्ता से खासा नाराज था। इस कारण उनको तत्काल हटाकर कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमान दिल्ली में ऐसे नेताओं के हाथों में कमान देना चाहता है जो दिल्ली सरकार के साथ-साथ एमसीडी के कामकाज की खामिया निकालकर आम आदमी पार्टी को घेरने में सक्षम हो। इसके अलावा ऐसे नेताओं की नियुक्ति से पार्टी का जनाधार भी बढ़ सकें। भाजपा आलाकमान किसी पंजाबी नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दे सकता है। इस मामले में जम्मू कश्मीर के सह प्रभारी आशीष सूद का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नाम की भी चर्चा है। ये दोनों नेता एमसीडी में उच्च पदों पर कार्य कर चुके है और उनको एमसीडी के कामकाज की अच्छी समझ है।
दूसरी ओर बताया जा रहा है कि ऑपरेशन लोकसभा चुनाव विजय के मद्देनजर भाजपा आलाकमान दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बदलने का विचार कर रहा है। एमसीडी चुनाव में नेता प्रतिपक्ष रामवीर बिधूड़ी के क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। इस पद पर वर्ष 2015 से 2020 तक रहे विजेंद्र गुप्ता को अवसर मिल सकता है।