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अपने विधायकों से ही गेम खेल रही भाजपा?

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दिल्ली में सरकार बनाने का दबाव विधायकों के प्रेशर टैक्टिस के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, विधायकों को यह भी डर सता रहा है कि अगर दिल्ली में चुनाव होते हैं तो एक बार फिर प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा।
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यह भी संभव है कि कई विधायकों का टिकट कट जाए। ऐसे में विधायक एक सुर में सरकार बनाने की रट लगा रहे हैं। ताकि उनकी सीट आगामी चुनाव में भी सुरक्षित रह सके।

भाजपा विधायक यह भी दलील दे रहे हैं कि अगर सरकार नहीं बनती है और चुनाव होते हैं तो आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहतर रहने वाली है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के साथ मुलाकात में कई विधायकों ने आम आदमी पार्टी के प्रभाव को कम करके आंकने की भूल नहीं करने की नसीहत दी।
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ऐसे खत्म हो जाएगी ये समस्या

दूसरी तरफ पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी उनकी चाल को भांप कर सरकार बनाने के लिए विधायकों का मैजिक आंकड़ा जुटाने पर सहमति जता दी है।

पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि विधायक अगर मैजिक आंकड़ा नहीं जुटा पाते और सरकार नहीं बनती है तो आगामी चुनाव में वे विरोध करने की स्थिति में नहीं रहेंगे। उनकी गुटबाजी भी खत्म हो जाएगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा विधायकों में दो विधायक प्रो. जगदीश मुखी और रामवीर सिंह बिधूड़ी सरकार बनाने की कवायद में काफी सक्रिय हैं। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधायकों की मुलाकात में बिधूड़ी नहीं पहुंचे। मुखी पूरे समय मौजूद रहे। पार्टी कार्यालय में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज रही।

AAP ने फिर लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए पर्दे की पीछे चल रही गतिविधियों का खुलासा किया है। केजरीवाल का आरोप है कि आप के विधायकों को खरीदने में नाकाम रही भाजपा की नजर अब कांग्रेस विधायकों पर है।

ट्विटर पर केजरीवाल ने लिखा है कि छह कांग्रेसी विधायकों को तोड़ने की कोशिश चल रही है। प्रत्येक की कीमत 20 करोड़ रुपये है। साथ ही दो को मंत्री और चार को चेयरमैन बनाने का प्रलोभन दिया गया है।

मंगलवार को केजरीवाल ने वॉयस संदेश जारी कर आप विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कही थी।
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इस बार खाली हाथ हैं केजरीवाल!

खास बात यह है कि मौजूदा खुलासों के दौरान केजरीवाल किसी तरह का प्रमाण पेश नहीं कर रहे हैं, पार्टी गठन के बाद केजरीवाल ने कई लोगों का खुलासा किया था। उस समय उन्होंने मीडिया के सामने पूरे दस्तावेज भी पेश किए थे।

सूत्रों के अनुसार फिलहाल केजरीवाल के हाथ में कोई ठोस सबूत नहीं है। मीडिया में चल रही खबरों व अपने निजी स्रोतों के सहारे वह भाजपा पर सियासी आरोप लगा रहे हैं। बुधवार को केजरीवाल ने ट्वीट किया कि भाजपा ‘आप’ विधायकों को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सकी।

इसके बाद भाजपा के रणनीतिकार कांग्रेस के छह विधायकों को खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को केजरीवाल ने कहा था कि भाजपा कई विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है।
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