हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा ने अब दिल्ली में चुनाव का मन बना लिया है। इसी के तहत मंगलवार देर रात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने मंगलवार को पार्टी के नए संगठन पदाधिकारियों की घोषणा कर दी।
पार्टी ने आठ उपाध्यक्षों, तीन महामंत्री समेत 100 से अधिक पदों और उनको संभालने वालों के नामों सूची जारी कर दी है। इसमें प्रमुख रूप से विजय शर्मा को संगठन महामंत्री, युवा मोर्चा का अध्यक्ष नकुल भारद्वाज, महामंत्री सुनील यादव व इम्प्रीत सिंह और महिला मोर्चा की अध्यक्ष कमलजीत सहरावत और प्रीति अग्रवाल को महामंत्री बनाया गया है।
दरअसल, इन चुनावों में अपेक्षित सफलता के अलावा भाजपा, आरएसएस व निजी एजेंसियों के अधिकांश सर्वे में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के संकेत मिले हैं। ऐसे में सरकार बनाने का मौका करीब आने के बावजूद भाजपा चुनाव में जाने का मन बना रही है। भाजपा अगर चुनाव को तैयार होती है तो तीन विधानसभाओं के उपचुनाव रद्द करने होंगे। हालांकि, पार्टी ने उपचुनाव के लिए भी कार्यकर्ताओं को कमर कसने को कहा है।
40 से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद
राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल को भाजपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने की अनुमति दी है, लेकिन भाजपा सरकार बनाने को उत्साहित नजर नहीं आ रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सर्वे में भाजपा को चुनाव होने पर दिल्ली में 40 से अधिक सीटें मिलने की बात सामने आई है।
ऐसे में भाजपा का एक बड़ा धड़ा चुनाव में जाने की पैरवी कर रहा है तो दूसरा धड़ा सरकार बनाने के पक्ष में है। चुनाव में जाने की बात कहने वाले धड़े को इस बात का विश्वास है कि मोदी लहर में नैया पार लग सकती है।
हरियाणा में बिना चेहरे के चुनाव लड़ने और पूर्ण बहुमत ने यह साबित भी किया है कि मोदी के नाम पर जनता भाजपा को वोट दे रही है। फिलहाल, सरकार बनाने व न बनाने को लेकर बंटी भाजपा एलजी के बुलावे तक चुप्पी साधे हुए है।
इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री नायडू के दिल्ली के चुनाव के लिए तैयार होने का बयान आना आलाकमान का संकेत माना जा रहा है। दूसरी ओर उपचुनाव पर दिल्ली चुनाव आयोग नजर रखे हुए है। मंगलवार को उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इधर, चुनाव होने, न होने के बीच ही राजनैतिक दल नामांकन शुरू होने के बावजूद प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं कर रहे हैं। संभव है कि अन्य दल भी इंतजार की नीति अपनाए हुए हैं। वहीं, सरकार बनाने की संभावनाओं के बीच अरविंद केजरीवाल ने जोड़तोड़ पर भाजपा को घेरकर चुनाव कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।