दिवाली के बाद सबसे प्रदूषित दिल्ली
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दिवाली की आतिशबाजी से दिल्ली की आबोहवा जहरीली हो गई है। सोमवार को राजधानी देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। दूसरे नंबर पर फरीदाबाद रहा। सुबह से दिल्ली/एनसीआर में नुकसानदेह स्मॉग की चादर दिखी। पूरी दिल्ली में हानिकारक रासायनों और धूल कणों (पीएम10 व 2.5) का स्तर मानक से काफी ऊपर रहा। वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछली बार की तुलना में मौसमी दशाएं खराब होने से हालात बदतर रहे।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े बताते हैं कि दिवाली पर दिल्ली का वायु प्रदूषण सूचकांक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रदूषण सूचकांक 445 दर्ज होने के साथ दिल्ली देश की सबसे प्रदूषित शहर बना। जबकि दूसरे नंबर पर फरीदाबाद का सूचकांक 428 था। इसके बाद तीसरा और चौथा नंबर क्रमश: लखनऊ और कानपुर का रहा। माना जाता है कि 300 से ऊपर बहुत घातक माना जाता है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीबी) ने दिवाली वाले दिन के प्रदूषकों की औसत मात्रा के आंकड़े जारी किए हैं। 24 घंटों में दिल्ली में पीएम 10 का औसत मानक 100 से कहीं ऊपर 448-939 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच था। सबसे ज्यादा प्रदूषण आनंद विहार में दर्ज किया गया। जबकि पिछले साल यह स्तर 296-778 के बीच था। दूसरी तरफ पीएम 2.5 मानक 60 से बहुत ऊपर 180-440 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। आनंद विहार इस मामले में भी सबसे ऊपर रहा। वहीं, पिछली दिवाली पीएम 2.5 का औसत 184-369 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, नाइट्रोजन व सल्फर आक्साइड के साथ दूसरे प्रदूषकों की मात्रा में भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा रही। पिछले तीन साल में इस दिवाली सबसे खतरनाक स्थिति रही।
खराब मौसमी दशाओं ने भी बिगाड़ा मिजाज
सीपीसीबी के मुताबिक, दिवाली के दिन प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह मौसमी दशाएं रहीं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल हवा की रफ्तार 3.4 मी/से की तुलना में इस बार 1.3 मी/से रही। वहीं, मिक्सिंग हाइट 590 से 492 मीटर पहुंच गई। खास बात यह कि दिवाली की रात मिक्सिंग हाइट 152 मीटर पर थी। इसका मिलाजुला असर प्रदूषकों की मात्रा में बढ़ोत्तरी के तौर पर रहा।